दिल्‍ली सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मनोज तिवारी हिरासत में

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस को लेकर दिल्‍ली सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे भाजपा सांसद मनोज तिवारी को हिरासत में लिया गया है। वह प्राइवेट अस्‍पतालों में ज्‍यादा फीस, दिल्‍ली सरकार की बदइंतजामी को लेकर राजघाट में प्रदर्शन करने पहुंचे थे। तिवारी के साथ भाजपा के कुछ अन्‍य सदस्‍यों को भी हिरासत में लेकर बस में बिठाया गया। सबको राजिंदर नगर थाने ले जाया जा रहा है।
हिरासत में लिए जाने से पहले क्‍या बोले तिवारी
दिल्‍ली बीजेपी चीफ ने हिरासत में लिए जाने से पहले मीडिया से कहा, “दिल्‍ली के लोगों के लिए बेड की व्‍यवस्‍था हो। प्राइवेट हॉस्पिटल्‍स में पांच लाख रुपये जमा किए बिना एंट्री नहीं है। हमने इस दिल्‍ली की कल्‍पना थोड़े ही की थी। दिक्‍कतें बहुत हैं।” कर्मचारियों को सैलरी देने की खातिर केंद्र सरकार से फंड मांगने पर तिवारी ने कहा कि दिल्‍ली सरकार के पास ‘एडवर्टिजमेंट देने के लिए पैसे हैं और सैलरी देने के पैसे नहीं हैं।’ बॉर्डर सील करने पर उन्‍होंने कहा कि ‘दिल्‍ली की सारी व्‍यवस्‍था सिर्फ बातों पर रह गई है, जमीन पर नहीं है।’
क्‍या प्रदर्शन कर तोड़ा लॉकडाउन?
तिवारी ने लॉकडाउन तोड़ने की बात को सिरे से खारिज किया। मास्‍क लगाए हुए तिवारी ने कहा कि हमने प्रोटेस्‍ट सोशल डिस्‍टेंसिंग के साथ कर रहे थे मगर पुलिस का सम्‍मान करते हैं। उन्‍होंने कहा, “हम लोग नियम-कानून से ही प्रोटेस्‍ट कर रहे थे। हम सिर्फ दिल्‍ली सरकार जो दिल्‍ली के साथ अन्‍याय कर रही है, उसको अंडरलाइन कर रहे हैं। हम लोग सिर्फ पांच-छह लोग हैं, हमने कोई उल्‍लंघन नहीं किया।”
केजरीवाल सरकार पर हमलावर रहे हैं तिवारी
दिल्ली सरकार द्वारा केंद्र से 5 हजार करोड़ रुपये की मदद मांगने पर तिवारी ने सवाल उठाए थे। उन्होंने ट्वीट कर दिल्ली सरकार से 22 मार्च से लेकर 29 मई तक टीवी, प्रिंट और इंटरनेट पर दिए गए विज्ञापन का हिसाब मांगा था। तिवारी ने केजरीवाल सरकार से यह भी पूछा था कि अब तक दिल्ली में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अस्पतालों पर कितना खर्च किया गया, उसका भी हिसाब दें।
एक हफ्ते के लिए दिल्ली के सभी बॉर्डर सील
दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के सभी बॉर्डर अगले एक हफ्ते के लिए सील करने का फैसला लिया है। अब दिल्ली के बाजारों में ऑड-ईवन सिस्टम भी खत्म कर दिया गया है। यानी अब सभी बाजारों में सारी दुकानें एक साथ खोली जा सकती हैं। आगे बॉर्डर खोले जाएं या नहीं, इसके लिए केजरीवाल ने जनता से राय मांगी है। इसके लिए 8800007722 नंबर जारी किया गया है। इस नंबर पर वॉट्सऐप के जरिए लोग अपनी राय भेज सकते हैं या फिर 1031 नंबर पर अपने विचार रिकॉर्ड करा सकते हैं।
-एजेंसियां

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