गाड़ी में Condom न रखने पर भी दिल्‍ली पुलिस काट देती है चालान

नई दिल्‍ली। दिल्ली में ऐसे काफी कैब ड्राइवर हैं, जो फर्स्ट ऐड बॉक्स के अंदर Condom रखकर चलते हैं। उनका मानना है कि यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो इसके लिए भी उनका चालान कट सकता है। हालांकि ड्राइवरों को यह आइडिया नहीं है कि आखिर Condom का चालान से वास्‍ता क्या है।
जेएनयू से नेल्सन मंडेला मार्ग पर मुड़ते ही कैब ड्राइवर धर्मेंद्र को ट्रैफिक पुलिस रोकती है। धर्मेंद्र ने सीट बेल्ट लगा रखी है और अपनी नीली वर्दी भी पहनी है। पूछताछ में बताते हैं कि मेरे पास तो फर्स्ट ऐड बॉक्स में Condom भी रखे हुए हैं। वह बॉक्स खोलकर दिखाते हैं, जिसमें डिटॉल, पैरासिटामॉल टैबलेट्स, बैंडेज और Condom रखे थे।
धर्मेंद्र बताते हैं कि हाल ही में उनका चालान Condom न रखने के लिए भी हुआ था, तब से वह काफी सतर्क रहते हैं। हालांकि उन्हें चालान की जो रसीद दी गई थी, वह ओवरस्पीड के लिए थी।
दिल्ली में ऐसे कैब ड्राइवर्स की तादाद काफी है, जो फर्स्ट ऐड बॉक्स में Condom रखकर चलते हैं। उनका मानना है कि यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो इसके लिए भी उनका चालान कट सकता है।
दिल्ली की सर्वोदय ड्राइवर एसोसिएशन के प्रेसीडेंट कमलजीत गिल ने बताया, ‘सभी सार्वजनिक वाहनों के लिए हर समय कम से कम तीन Condom लेकर चलना जरूरी है।’
ब्लीडिंग को रोकने में मदद करता है Condom
ड्राइवरों को यह आइडिया नहीं है कि आखिर इनका इस्तेमाल क्या है। हालांकि खुद कमलजीत गिल बताते हैं कि इसका इस्तेमाल किसी की हड्डी में चोट आने या फिर कट लगने पर किया जा सकता है। वह बताते हैं, ‘यदि किसी व्यक्ति को ब्लीडिंग होने लगती है तो Condom के जरिए इसे रोका जा सकता है। इसी तरह फ्रैक्चर होने की स्थिति में उस जगह पर अस्पताल पहुंचने तक कॉन्डम बांधा जा सकता है।’
‘पुलिसकर्मी कभी नहीं पूछते Condom के बारे में’
कैब ड्राइवर रमेश कहते हैं कि मैंने सभी से ऐसा सुना है कि कॉन्डम रखना जरूरी है इसलिए मैं कम से कम एक तो हमेशा ही रखता हूं। वह कहते हैं कि आज तक ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ओर से इस बारे में नहीं पूछा गया। हालांकि फिटनेस टेस्ट के दौरान कई बार पूछा गया है कि गाड़ी में उनके पास Condom रखे हैं या नहीं।
Condom रखने का कानून में कोई जिक्र नहीं
ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसा कोई नियम नहीं है। फिटनेस टेस्ट के दौरान भी ऐसी कोई पड़ताल नहीं की जाती। यही नहीं यही नहीं पुलिस अधिकारी ने कहा कि यदि कॉन्डम न रखने पर चालान होता है तो कैब ड्राइवरों को अथॉरिटीज से संपर्क करना चाहिए। उनका कहना था कि कई बार एनजीओ वर्कर ड्राइवरों को सेफ सेक्स के बारे में बताते हैं। शायद इसी की वजह से वे रखते हों। बता दें कि दिल्ली मोटर व्‍हीकल रूल्स 1993 और सेंट्रल मोटर व्‍हीकल रूल्स 1989 में भी इसका कोई जिक्र नहीं है।
-एजेंसियां

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