दिल्ली पुलिस ने बताया, गाजीपुर बॉर्डर से नहीं हटाई जा रही कीलें

नई दिल्‍ली। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर बॉर्डर पर सड़कों पर लगाई गई कीलों को हटाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, इस वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस ने स्पष्टीकरण दिया है कि कीलों को हटाया नहीं जा रहा है बल्कि उन्हें व्यवस्थित किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि सीमा पर स्थिति पहले जैसी है। उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। बता दें कि इन कीलों को लगाने को लेकर दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया से लेकर राजनीति के गलियारों तक काफी आलोचना हुई थी।
इसके बाद गुरुवार को एक वीडियो सामने आया था, जिसमें दिखाई दे रहा था कि कीलों को हटाया जा रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया। दिल्ली पुलिस ने इस पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि कीलों को सिर्फ रीपोजिशन किया गया है। सीमा पर स्थिति पहले जैसी ही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो शेयर किए जा रहे हैं। इसे लेकर कहा जा रहा है कि गाजीपुर बॉर्जर से कीलें हटाई जा रही हैं। यह सत्य नहीं है। कीलों को सिर्फ व्यवस्थित किया जा रहा है। इससे पहले बुधवार को सड़कों पर लगी कीलें मोड़ने का वाकया सामने आया था। इसका भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था।
डेलिगेशन पहुंचा गाजीपुर बॉर्डर
वहीं, गुरुवार को विपक्षी दलों के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल किसानों से मुलाकात के लिए गाजीपुर बॉर्डर पहुंचा है। प्रतिनिधिमंडल के नेताओं को दिल्ली बॉर्डर पर ही रोक लिया गया है और उन्हें प्रदर्शनकारियों से मिलने की इजाजत नहीं दी गई है।
डेलिगेशन में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने बताया कि बॉर्डर पर तीन किलोमीटर तक बैरिकेडिंग की गई है। हमें किसानों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। 13 लेवल की बैरिकेडिंग की गई है। डेलिगेशन में कौर के अलावा एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले, डीएमके सांसद कनिमोझी, टीएमसी सांसद सौगत रॉय समेत कई नेता शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लगी कीलें
गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा के बाद गाजीपुर में प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। वहीं उन्हें दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए भी प्रशासन ने सख्त इंतजाम किए थे। गाजीपुर बॉर्डर के चारों ओर सीमेंट से बैरिकेड बनाए गए। साथ ही सड़कों पर कीलें लगा दी गई थीं। इसके अलावा तारों से भी बॉर्डर को घेर दिया गया ताकि कोई पैदल भी सीमा पारकर दिल्ली की तरफ न जा सके।
-एजेंसियां

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