चार घंटे बाद Delhi Metro की येलो-मजेंटा लाइन पर सेवा बहाल

नई दिल्ली/नोएडा। Delhi Metro रेल कॉरपोरेशन की येलो-मजेंटा लाइन पर तकनीकी खामियों के कारण चार घंटे बाधित रही मेट्रो सेवा आखिरकार बहाल हो गई। मंगलवार सुबह से ही Delhi Metro के अलग-अलग रूटों पर गड़बड़ी के चलते या तो उस रूट पर ट्रेन की आवाजाही रोक दी गई या ट्रेनें देरी से चलीं। हालांकि अब सेवाएं सामान्य हो गई हैं जिसकी जानकारी डीएमआरसी ने खुद दी है।

गौरतलब है कि Delhi Metro रेल कॉर्पोरेशन ने मंगलवार सुबह ही ट्वीट कर बड़ी जानकारी दी कि कुछ खराबी के कारण मेट्रो की मजेंटा लाइन पर पर अस्थायी तौर पर ट्रेनें नहीं चलेंगी।

डीएमआरसी ने सूचित किया था कि छतरपुर स्टेशन पर कुछ खराबी आने की वजह से सुलतानपुर और कुतुब मीनार के बीच कोई ट्रेन नहीं चलेगी। जब यह समस्या सुलझा ली जाएगी तो सूचित किया जाएगा। डीएमआरसी ने ये भी बताया कि इस बीच हुडा सिटी सेंटर और सुलतानपुर के बीच और समयपुर बादली और कुतुब मीनार के बीच मेट्रो चलेगी।

पहले मामले में कुतुब मीनार से सुल्तानपुर स्टेशन के बीच मंगलवार सुबह आठ बजे से मेट्रो संचालन बाधित हो गया। इसके चलते रोजाना सफर करने वाले हजारों-लाखों दैनिक यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए डीएमआरसी ने पहले कुतुब मीनार और सुल्तानपुर मेट्रो स्टेशन से मेट्रो फीडर बसें चलवाईं लेकिन यात्रियों की संख्या के हिसाब से उन्हें लाने जे जाने में वह काफी नाकाफी साबित हुईं।

भयंकर गर्मी में मेट्रो फीडर बसें यात्रियों से खचाखच भरकर रवाना हो रही थीं। इसके भी लोगों को काफी दिक्कत हुई। यात्रियों के बढ़ते दबाव के चलते डीएमआरसी ने बाद में कुतुब मीनार और सुल्तानपुर से पहले के मेट्रो स्टेशन साकेत व अरजनगढ़ में ही यात्रियों का उतारकर मेट्रो फीडर बसों से रवाना किया।

बताया जा रहा है कि छतरपुर से कुतुब मीनार के बीच डेढ़ घंटे से अधिक समय से एक ट्रेन फंसी हुई है। इसके बाद ट्रेन में कुछ लोगों की तबीयत खराब होने पर सारे गेट खोल दिए गए। ऐसा करने के बाद यात्री ट्रैक के बगल में बने छोटे-से फुटपाथ से गंतव्य के लिए निकले।

दिल्ली मेट्रो की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, छतरपुर में तकनीकी खराबी के चलते सुल्तानपुर और कुतुबमीनार के बीच ट्रेनें नहीं चल रही हैं, जिससे हजारों की संख्या में यात्री परेशान हैं। इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह ठप होने से DMRC सुल्तानपुर और कुतुबमीनार के बीच फीडर बसों का संचालन कर रहा है।

पिछले चार दिनों के मजेंटा लाइन रूट (MAGENTA LINE Route) दूसरी बार ऐसा हुआ है, जब यात्रियों को भारी दिक्कत पेश आई है।

गौरतलब है कि ओखला एनएसआइसी स्टेशन उन लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो ओखला फेज 2 फेज 3 में काम करते हैं। इसके अलावा ओखला मंडी जाने वालों के लिए कालका जी मंदिर जाने वालों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण स्टेशन है और सुबह के वर्किंग के टाइम पर इस तरह से सिर्फ एक गेट का चलना लोगों के लिए मुसीबत और दर्द का कारण बना, जिससे लोगों का गुस्सा भी फूटा। इससे परेशान यात्रियों की स्टेशन स्टाफ के साथ नोकझोंक और बहस भी हुई।

परेशानी से जूझ यात्रियों के सामने सबसे बड़ा संकट मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलना रहा, खासकर एक ही गेट खुला होने के चलते मेट्रो स्टेशन पर अफरातफरी की स्थिति रही।

ब्लू लाइन की तरह मजेंटा लाइन पर भी तकनीकी खराबी की मामले अधिक देखे जा रहे हैं। यह भी तब जब इस कॉरिडोर पर मेट्रो का परिचालन शुरू हुए अभी बहुत ज्यादा समय नहीं हुआ है।

करीब 38 किलोमीटर लंबे इस मेट्रो कॉरिडोर पर दो चरणों में मेट्रो का परिचालन शुरू हुआ था। कालकाजी से बॉटैनिकल गार्डन के बीच 25 दिसंबर 2017 को परिचालन शुरू हुआ था। वहीं, कालकाजी से जनकपुरी पश्चिम के बीच मई 2018 में परिचालन शुरू हुआ। इस कॉरिडोर पर अत्याधुनिक सिग्नल सिस्टम सीबीटीसी (कंप्यूटर बेस्ड ट्रेन कंट्रोल) का इस्तेमाल किया गया है।

-एजेंसी

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