दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्विटर से कहा, भारत में मनमानी करने की गलतफहमी न पालें

नई दिल्‍ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने ग्रीवांस रिड्रेसल ऑफिसर की नियुक्ति के मुद्दे पर अदालत के सामने गलत तथ्य पेश करने के लिए ट्विटर की खिंचाई की। कोर्ट ने कहा कि ट्विटर ने खुद अदालत में कहा था कि उसने ग्रीवांस ऑफिसर नियुक्त किया है। वहीं अब कहा जा रहा है कि वह अस्थाई अधिकारी था जो फौरी तौर पर नियुक्त किया गया और अब वह स्थायी अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया में है।
कोर्ट ने कहा, अगर आप इस गलतफहमी में हैं कि भारत में आप जितना चाहे उतना समय ले सकते हैं और आपसे कोई सवाल नहीं करेगा तो आपको कोर्ट इसकी इजाजत नहीं देगा।
कोर्ट ने कहा कि अदालत के आदेश को भी दो हफ्ते हो चुके हैं और ट्विटर कह रहा है कि वह अभी सिर्फ प्रक्रिया में है जबकि अदालत की कार्यवाही की तारीख को ध्यान में रखते हुए उसे अधिकारी की नियुक्ति कर देनी चाहिए थी। ट्विटर ने अपनी समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि उसने अदालत को भ्रमित नहीं किया लेकिन सभी तथ्यों को पेश करने के लिए उसे कुछ वक्त दिया जाए।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को ट्विटर को आठ जुलाई तक यह बताने का निर्देश दिया कि नए आईटी नियमों के अनुपालन में वह स्थानीय शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति कब करेगा। केंद्र की ओर से कहा कि 42 दिन बीतने के बाद भी ग्रीवांस ऑफिसर नियुक्त नहीं किया जाना नए आईटी नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
-एजेंसियां

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