दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला, दो हफ्ते में खाली करना होगा Herald House

एजेएल ने दिल्ली हाई कोर्ट में National Herald House की लीज रद करने के फैसले को चुनौती दी थी

नई दिल्‍ली। दिल्‍ली स्थित नेशनल हेराल्ड हाउस को खाली कराने से जुड़ी याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट शुक्रवार को अपना फैसला सुना दिया है। जस्टिस सुनील गौर की पीठ ने अपने फैसले में दो सप्ताह का समय देते हुए नेशनल हेराल्ड हाउस खाली करने के लिए कहा है।

बता दें कि नेशनल हेराल्ड की कंपनी एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर नेशनल Herald House की लीज रद करने के फैसले को चुनौती दी थी, इस मामले में कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 22 नवंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एजेएल की याचिका खारिज करते हुए कहा कि दो सप्ताह में नेशनल Herald House  खाली करना होगा।

हेराल्ड हाउस की लीज रद करने से पहले कई बार नोटिस दिया गया था

इससे पहले केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए तुषार मेहता ने कहा था कि इंडियन एक्सप्रेस बिल्डिंग से जुड़ा आदेश इस मामले में गलत तरीके से कोड किया गया है। उन्होंने तर्क दिया था ति पब्लिक प्रॉपर्टी को जिस वजह से दिया गया, वह हेराल्ड हाउस में कई सालों से किया ही नहीं जा रहा है। ऐसे में यह कहना पूरी तरफ से गलत है कि नेहरू की विरासत को खत्म करने की कोशिश है। उन्होंने बताया था कि हेराल्ड हाउस की लीज रद करने से पहले कई बार नोटिस दिया गया था।

टैक्स संबंधी पुराने मामलों की आयकर विभाग फिर से जांच कर सकता है

नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है। इससे पहले 10 सितंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने भी 2011-12 के टैक्स आकलन के मामले को दोबारा खोले जाने के मसले में दोनों नेताओं को राहत देने से साफ इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट ने कहा था कि टैक्स संबंधी पुराने मामलों की आयकर विभाग फिर से जांच कर सकता है।

बता दें कि हाई कोर्ट के इस फैसले को दोनों नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। दोनों ने नेशनल हेराल्ड और यंग इंडिया से जुड़े टैक्स एसेसमेंट की दोबारा जांच के आयकर विभाग के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। गौरतलब है कि राहुल और सोनिया के खिलाफ आयकर जांच का मुद्दा भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने उठाया था।

क्‍या है नेशनल हेराल्‍ड केस

नेशनल हेराल्‍ड भी उन अखबारों की श्रेणी में है, जिसकी बुनियाद आजादी के पूर्व पड़ी। हेराल्‍ड दिल्ली एवं लखनऊ से प्रकाशित होने वाला अंग्रेजी अखबार था। 1938 में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने नेशनल हेराल्‍ड अखबार की नींव रखी थी। इंदिरा गांधी के समय जब कांग्रेस में विभाजन हुआ तो इसका स्‍वामित्‍व इंदिरा कांग्रेस आई को मिला। नेशनल हेराल्ड को कांग्रेस का मुखपत्र माना जाता है। आर्थिक हालात के चलते 2008 में इसका प्रकाशन बंद हो गया। उस वक्‍त वह कांग्रेस की नीतियों के प्रचार प्रसार का मुख्‍य स्रोत था।

-एजेंसी

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