निर्भया के दोषियों की फांसी में देरी के लिए दिल्ली सरकार जिम्मेदार: बीजेपी

नई दिल्‍ली। निर्भया के दोषियों की फांसी में देरी पर राजनीति बयानबाजी शुरू हो गई है। बीजेपी ने गुरुवार को दिल्ली की आम आदमी पार्टी AAP सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य सरकार की ढिलाई के कारण दोषियों की फांसी में देरी हो रही है।
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता प्रकाश जावड़ेकर ने AAP पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि न्याय में देरी के लिए दिल्ली सरकार जिम्मेदार है।
नोटिस में देरी पर AAP सरकार पर उठाए सवाल
जावड़ेकर ने कहा कि पिछले 2.5 साल में दिल्ली सरकार ने दोषियों को दया याचिका दाखिल करने के लिए नोटिस क्यों नहीं दिया?
जावड़ेकर ने कहा कि ‘देश को झकझोरने वाला जो निर्भया कांड हुआ, उसके आरोपी अभी तक फांसी पर नहीं लटके, इसका एक ही कारण है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की जो सरकार है, उनकी लापरवाही के कारण वह फांसी पर नहीं लटके। सुप्रीम कोर्ट ने उनका अपील 2017 में ही खारिज किया था। उनको फांसी की सजा दी थी। एक प्रक्रिया होती है, जिसके तहत तिहाड़ जेल प्रशासन को नोटिस देना पड़ता है कि आपको क्या याचिकाएं देनी हैं, लेकिन यह नोटिस पिछले साल अक्टूबर तक नहीं दिया गया। यह ढाई साल की देरी है, यह दिल्ली सरकार की गुनहगारों को प्रति सहानुभूति है। डेथ वारंट पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने कहा कि 22 को फांसी नहीं लग सकती है। ‘
सिसोदिया बोले, तुरंत लिया एक्शन
बता दें कि दिल्ली के डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा था कि उनकी सरकार ने दोषियों की दया याचिका पर तुंरत एक्शन लिया। मुकेश सिंह की दया याचिका को दिल्ली सरकार ने खारिज करने की सिफारिश की है। सिसोदिया ने कहा कि सरकार ने बिजली की तेजी से यह फैसला लिया।
सिख दंगों को लेकर बीजेपी का कांग्रेस पर निशाना
जावड़ेकर ने 1984 सिख दंगों पर आई जस्टिस एसएन धींगड़ा कमेटी की रिपोर्ट के हवाले से कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धींगड़ा कमेटी की रिपोर्ट से साफ हो गया है कि कांग्रेस का हाथ, कल्तेआम करने वालों के साथ। उन्होंने कहा कि तत्कालीन कांग्रेसी प्रधानमंत्री राजीव गांधी जब कह सकते हैं कि ‘जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है’ तो कांग्रेस की मानसिकता समझी जा सकती है। उन्होंने कहा, ‘राजीव गांधी का यह बेहद गलत उदाहरण था।’
कांग्रेस ने नरसंहार में आरोपियों का दिया साथ: बीजेपी
जावड़ेकर ने बीजेपी दफ्तर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘जस्टिस धींगड़ा कमिटी ने सरकार के इसी दृष्टिकोण के उदाहरण दिए हैं। एक उदाहरण है कि सुल्तानपुरी में पांच सौ घटनाएं हुईं। कत्लेआम हुए, आगजनी की गई, लूट हुई और पूरे पांच सौ घटनाओं की एफआईआर हुई।’ इतने बड़े पैमाने की जांच में बहुत देरी हुई तो कोर्ट ने देरी करने का हवाला देकर ही आरोपियों को बरी कर दिया। कांग्रेस ने इतने बड़े नरसंहार के आरोपियों का साथ दिया इसलिए धींगड़ा जी ने सरकार से सिफारिश की है कि फिर से अपील की जाए।
‘कांग्रेस का हाथ कत्ल करने वालों के साथ’
केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री ने कांग्रेस नेता सैम पित्रौदा के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस की मानसिकता ही समस्याओं को टालने की रही है।
उन्होंने कहा, ‘सैम पित्रोदा ने कहा कि हुआ तो हुआ, क्या हुआ? यहा हुआ तो हुआ, ऐटिट्यूड कांग्रेस का है। इससे साफ होता है कि कांग्रेस का हाथ, कत्ल करने वालों के साथ।’
उन्होंने 1985 में गठित जस्टिस रंगनाथ मिश्रा आयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जस्टिस रंगनाथ मिश्रा आयोग 1985 में गठित हुआ था। उनके सामने सैकड़ों हलफनामे नहीं आए। इन हलफनामों पर भी 6-7 साल बाद एफआईआर दर्ज की गई। कोर्ट ने इसे भी देरी होने का हवाला देकर आरोपियों को बरी कर दिया।
राउत के बयान पर ली चुटकी
शिवसेना नेता संजय राउत के पूर्व पीएम इंदिरा गांधी पर दिए गए बयान पर भी जावड़ेकर ने ली चुटकी। उन्होंने कहा, ‘आदमी कभी कभी सच बोल जाता है। दाऊद को देश से भागने में कांग्रेस पर ही मदद के आरोप लगे।कांग्रेस कम्युनल पॉलिटिक्स करती है, वोट बैंक की राजनीति करती है।’ बता दें कि राउत ने कहा था कि पूर्व पीएम इंदिरा अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से मिलती थीं।
-एजेंसियां

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