दिल्ली सरकार ने Kumar vishwas को वार्षिक राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किया

Kumar vishwas को छोड़कर राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में पहुंचेंगे 21 कवि

नई दिल्‍ली। आम आदमी पार्टी और इसके वरिष्ठ नेता व जाने-माने कवि कुमार विश्वास के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली सरकार ने कवि विश्वास को वार्षिक राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किया है। आज लाल किले के पार्क में सम्मेलन होना है और विश्वास इसमें शामिल नहीं होंगे।

दिल्ली सरकार के कला संस्कृति विभाग के तहत आने वाली हिंदी अकादमी राष्ट्रीय कवि सम्मेलन कर रही है, लेकिन इसमें आप के नाराज नेता और कवि कुमार विश्वास को आमंत्रित नही किए जाने को लेकर सूत्रों का कहना है कि कुमार इसे भी लेकर नाराज हैं। हालांकि इस संबंध में पूछे सवाल पर पार्टी नेता ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया।

पार्टी प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वह (कुमार विश्वास) आजकल एक से डेढ़ घंटे के इंटरव्यू दे रहे हैं, लोग उन्हें वहीं सुन सकते हैं। उन्होंने कहा कि कवि सम्मेलन में कोई भी सुनने आ सकता है। कुमार की पार्टी को लेकर नाराजगी के सवाल पर सौरभ ने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है और पार्टी का किसी भी मसले को सुलझाने का इंटरनल मकैनिजम है। परिवार में भी अगर कोई भाई गलत रास्ते पर जाता है तो भाइयों के बीच भी झगड़े होते हैं।

कुमार विश्वास अब भी आप की राजस्थान इकाई के प्रभारी हैं और आप की संसदीय समिति(पीएसी) के सदस्य भी हैं। ऐसे में कवि सम्मेलन में आमंत्रित न किया जाना पार्टी में उनके कद को छोटा करता है और अस्तित्व को धूमिल।

आप सरकार में हिंदी अकादमी द्वारा तीसरी बार राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर से 21 कवि हिस्सा लेने पहुंचेंगे। कवि सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल करेंगे। आप सरकार के कार्यकाल में हुए बीते 2 सम्मेलनों में कुमार विश्वास बतौर गेस्ट बुलाए गए थे, लेकिन इस बार उन्हें कोई निमंत्रण नहीं पहुंचा।

यह गतिरोध विश्वास और दिल्ली सरकार के बीच अकसर होने वाले झगड़ों का नतीजा है। राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन से पहले तल्खियां और बढ़ीं, जिसमें विश्वास को नजरअंदाज किया गया। इसके बाद Kumar vishwas ने सीएम केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘मुझे सच बोलने कती सजा मिली।’

-एजेंसी