दिल्ली: करोल बाग के अर्पित पैलेस होटल में आग लगने से 17 लागों की मौत

करोल बाग स्‍थित अर्पित पैलेस होटल
करोल बाग स्‍थित अर्पित पैलेस होटल

नई दिल्‍ली। दिल्ली के करोल बाग इलाक़े में मंगलवार तड़के एक होटल में आग लगने से कम-से-कम 17 लोगों की मौत हो गई है।
आग किस वजह से लगी अभी ये स्पष्ट नहीं है और इसकी जाँच हो रही है।
दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई। हालाँकि सत्येंद्र जैन ने कहा कि शुरुआती नज़र में ये लापरवाही का मामला लगता है क्योंकि जिस इलाक़े में ये होटल है वहाँ केवल चार मंज़िलें बनाने की इजाज़त है मगर ये होटल छह मंज़िला है।
उन्होंने कहा कि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को इस बारे में मंगलवार रात तक जाँच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। होटल अर्पित पैलेस में आग सुबह साढ़े चार बजे के आस-पास लगी। आग बुझाने के लिए 20 से ज़्यादा दमकल गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया।
अग्निशमन कर्मचारियों ने होटल से लगभग 35 लोगों को बाहर निकाला. अधिकारियों के अनुसार अभी कुछ लोग घायल हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कई लोगों ने जान बचाने के लिए होटल की छत से छलांग लगा दी। आग पर क़ाबू पा लिया गया है और फ़िलहाल इलाक़े को घेरकर जाँच की जा रही है।
आग ने चुपके से नींद में सोए 17 लोगों की जिंदगी लील ली। तड़के चार बजे लगी आग ने लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। आग जैसे ही चौथी मंजिल पर फैली लोग बदहवास हो गए। कोई तार के सहारे होटल के नीचे उतरने की कोशिश करने लगा तो कोई तकियों के सहारे जान बचाने के लिए कूद रहा था। एक शख्स होटल से नीचे गिरता वीडियो में भी कैद हुआ है।
होटल के बराबर दूसरे होटल में रुके हुए रंजीत सिंह नाम के शख्स ने घटना के बारे में बताया कि करीब सुबह 4 बजे अचानक शोर मचा। उन्होंने बाहर निकलकर देखा तो लोग बचाओ-बचाओ चिल्ला रहे थे। फिर आग की लपटों के डर से एक विदेशी महिला ने तार पकड़कर होटल से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन वह नीचे सड़क पर आ गिरी। फिर बाद में घायल हालत में उसे हॉस्पिटल लेकर जाया गया।
अन्य लोगों के मुताबिक आग लगने के दौरान कुल चार-पांच लोगों ने बिल्डिंग से छलांग लगाई दी। इनमें से दो लोग तकियों के सहारे कूदे थे और दोनों की मौत हो गई।
आग बुझाने वाली गाड़ी में थी खराबी!
होटल की आग को बुझाने में देरी की बात भी सामने आ रही है। बगल वाले होटल में ही रुके हुए दूसरे चश्मदीद भुपेन से पता चला कि आग बुझाने वाली बड़ी गाड़ी (ब्रुंटो स्काइलिफ्ट) की सीढ़ी अटक गई थी, जिसकी वजह से दमकल विभाग के लोगों को ऊपर जाने में देरी हुई। भुपेन के मुताबिक उसका कोई पेच अटक गया था, जिसकी वजह से सीढ़ी ऊपर ही नहीं जा रही थी और इससे आग बुझाने में देरी हुई। एक अन्य चश्मदीद ने बताया कि एंम्बुलेंस के आने तक आग लगभग बुझ चुकी थी और सिर्फ धुआं बचा था। उनके मुताबिक, 17 में से एक शख्स की जान छत से कूदने की वजह से ही हुई।
बता दें कि यह आग करोलबाग के गुरुद्वारा रोड पर स्थित होटल अर्पित पैलेस में लगी थी। होटल में काम करने वाले कर्मचारी हरि सिंह ने बताया कि वहां कुल 65 कमरे हैं। इनमें कुल 120 लोग रुके हुए थे और 30 लोग स्टाफ के थे। घटना पर चीफ फायर ऑफिसर अतुल गर्ग ने बताया कि उन्होंने सुबह करीब 8 बजे तक आग पर काबू पा लिया था। उन्होंने कुल 35 लोगों को जिंदा बाहर निकालने की बात भी कही।
मरने वाले ज्यादातर टूरिस्ट, धुएं की वजह से ज्यादातर मौतें
मरने वालों में ज्यादातर लोग दिल्ली आए टूरिस्ट व अन्य लोग थे। म्यांमार और कोच्चि से आए लोग भी इनमें शामिल हैं। इस घटना में ज्यादातर मौतें धुएं से दम घुटने के कारण हुई हैं। होटल के एसी कमरों की खिड़कियां (शीशे की विंडो) पैक थीं, जिस वजह से धुआं बिल्डिंग से बाहर नहीं निकल पाया। कमरों में भरता गया। गहरी नींद में होने की वजह से होटल में ठहरे गेस्ट धुएं और आग की चपेट में आते गए। अस्पताल पहुंचे कई शव जली हालत में भी मिले, लेकिन माना जा रहा है कि दम घुटने की वजह से वे लोग बेसुध होकर लपटों की चपेट में आए।
कैसे लगी आग
यह होटल बेसमेंट के अलावा चार मंजिला है। इसकी रसोई ऊपर बनी है। बताया जा रहा है कि आग पहली मंजिल से भड़की, जो ऊपर के फ्लोर पर बढ़ती गई। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। कारणों की जांच फिलहाल पुलिस को करनी है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लापरवाही का केस दर्ज करके होटल मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
वहीं दिल्ली होटल एसोसिएशन के वाइस प्रेसीडेंट बालन मणि ने कहा कि आग डक्टिंग में लगी थी, जिसकी वजह से वह कमरों तक पहुंच गई। उनके मुताबिक होटल में कोई खामी नहीं थी और निरीक्षण के बाद ही होटल को लाइसेंस मिला था।
-एजेंसियां

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