सीबीआई चीफ के Selection में देरी पर कांग्रेस नेता खड़गे ने सवाल उठाए

बेंगलुरु। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने नए सीबीआई चीफ के Selection में हो रही देरी के लिए केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। खड़गे ने साथ ही मांग की है कि दूसरी बैठक 31 जनवरी से पहले बुलाई जानी चाहिए।
Selection कमेटी के सदस्य और लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीबीआई के नए डायरेक्टर की नियुक्ति में हो रही देरी पर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि एनडीए सरकार जानबूझकर सीबीआई डायरेक्टर की चयन प्रक्रिया में देरी चाहती है इसलिए उसने गुरुवार को हुई मीटिंग में शॉर्ट लिस्ट किए गए उम्मीदवारों के नाम भी पेश नहीं किए। खड़गे ने साथ ही यह भी कहा कि दूसरी बैठक 31 जनवरी से पहले बुलाई जानी चाहिए।
बता दें कि तीन सदस्यीय Selection कमेटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा भारत के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और मल्लिकार्जुन खड़गे की गुरुवार शाम को हुई बैठक बेनतीजा रही जिसमें सीबीआई के अंतरिम डायरेक्टर एम नागेश्वर राव के उत्तराधिकारी का चयन होना था। सीबीआई के नए चीफ की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय पैनल की बैठक हुई, लेकिन किसी नाम पर फैसला नहीं हो सका। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कोई फैसला लेने से पहले सभी प्रस्तावित नामों पर विचार करने के लिए वक्त मांगा था।
खड़गे ने कहा कि दूसरी बैठक 31 जनवरी से पहले बुलाई जानी चाहिए क्योंकि आलोक वर्मा जिन्हें पद से निलंबित दिया जा चुका है, वह उस दिन रिटायर हो रहे हैं। खड़गे ने कहा, ‘जब मैंने डायरेक्टर पद के लिए चुन गए नामों की लिस्ट के बारे में पूछा तो मोदीजी ने मीटिंग खत्म करने का ऐलान कर दिया। चीफ जस्टिस ने भी इस पर मेरा समर्थन किया था।’
उन्होंने कहा, ‘सूची को जान-बूझकर पेश नहीं किया गया था क्योंकि इससे बैठक और लंबी खिंचती और मैं आलोक वर्मा को हटाने पर केंद्रीय सतर्कता समिति (सीवीसी) और न्यायमूर्ति एके पटनायक की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के लिए कहता।’ खड़गे ने कहा कि मीटिंग में उन्हें 89 आईपीएस अधिकारियों की लिस्ट दी गई थी जिनमें उनके अनुभव या फिर वह किस तरह के केस हैंडल कर रहे है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
उन्होंने कहा, ‘लिस्ट में केवल उनकी जॉइनिंग और रिटायरमेंट के बारे में लिखा था। इस तरह की लिस्ट के साथ कोई कैसे बता सकता है कि एक्स पर्सन वाइ से अच्छा है।’ बता दें कि सिलेक्शन कमेटी ने 10 जनवरी को वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटा दिया था। आलोक वर्मा को इस पद से हटाए जाने के बाद से सीबीआई निदेशक का पद खाली है। आईपीएस अधिकारी एम. नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेश बनाया गया था।
-एजेंसियां

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