शहीद औरंगजेब के परिजनों से मिलीं रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सियासी हलचल के बीच रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने शहीद औरंगजेब के परिजनों से मुलाकात की। वह जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले स्थित औरंगजेब के घर गईं। इस दौरान रक्षामंत्री ने औरंगजेब के पिता मोहम्मद हनीफ और भाई से बात की। कहा जा रहा है कि राज्य में पीडीपी-बीजेपी के गठबंधन वाली सरकार के गिरने और राज्यपाल शासन लागू होने के बाद रक्षामंत्री के इस दौरे में आतंकियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करने का राजनीतिक संदेश भी है।
इससे पहले आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत भी सेना के जवान औरंगजेब की शहादत को सलाम करते हुए उनके परिजनों से मिले थे। औरंगजेब सेना की राष्ट्रीय राइफल्स के जवान थे। बता दें कि आतंकियों ने पुलवामा से औरंगजेब का अपहरण कर लिया था, जब वह ईद मनाने अपने घर जा रहे थे। इसके बाद 14 जून को उनका गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ था।
सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान औरंगजेब को बीते दिनों अगवा किया गया था, जिसके बाद आतंकियों ने उनकी हत्या कर दी थी। आतंकियों ने उस वक्त औरंगजेब का अपहरण किया, जब वह ईद की छुट्टी लेकर अपने घर पुंछ लौट रहे थे। औरंगजेब उस कमांडो ग्रुप का हिस्सा थे, जिसने हिज्बुल कमांडर समीर टाइगर को मार गिराया था। 16 जून को उन्हें अंतिम विदाई दी गई थी।
बता दें कि मंगलवार को बीजेपी ने पीडीपी के साथ गठबंधन वाली सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था। इसके बाद यहां बुधवार को राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया है, जिसके बाद बिना किसी बाध्यता सुरक्षा बलों के पास आतंकियों के खिलाफ मोर्चा खोलने की पूरी छूट होगी। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस पर भी स्थानीय नेताओं के दबाव के बिना अब अलगाववादियों के खिलाफ स्वतंत्रता के साथ काम करने का अधिकार होगा।
पत्थरबाजों के खिलाफ हो सकती है बड़ी कार्यवाही
सेना के इन ऑपरेशन के अलावा दक्षिण कश्मीर में पत्थरबाजों पर बड़ी कार्यवाही भी की जा सकती है। अगर अतीत पर गौर करें तो यह देखने को मिलता है कि 2016 की हिंसा के दौरान कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी सरकार के दौरान 9 हजार से अधिक पत्थरबाजों पर केस दर्ज हुए थे। गिरफ्तारी के कुछ महीनों बाद महबूबा सरकार ने सैकड़ों पत्थरबाजों पर से मुकदमे वापस ले लिए थे। इस पर विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर काफी सवाल उठाए थे और बीजेपी को राष्ट्रीय स्तर पर काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी।
-एजेंसी

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