दीपिका कक्कड़ ने अपने नाम की ‘बिग बॉस 12’ की ट्रॉफी

मुंबई। लोनावला के एक घर में 105 दिनों के उतार-चढ़ाव भरे सफर के बाद छोटे पर्दे की चहेती बहू दीपिका कक्कड़ ने ‘बिग बॉस 12’ की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। दीपिका ने शो में अपने मुंहबोले भाई श्रीसंत को पछाड़कर यह जीत हासिल की। हालांकि, दीपिका के लिए ‘बिग बॉस’ का यह सफर काफी मुश्किल रहा क्योंकि वह शुरू से ज्यादातर घर वालों के निशाने पर रहीं। कई बार वह बिलखती और टूटती भी नजर आईं लेकिन इन सबके बाद ‘बिग बॉस 12’ की ट्रॉफी हाथ में लेकर उनकी खुशी देखते बन रही थी।
सिलेब्रिटीज को फेक मान लिया जाता है
जीत के बाद किसी बच्चे की तरह चहक रहीं दीपिका कहती हैं, ‘यह कोई नहीं कह सकता बिग बॉस का सफर आसान है। यह बहुत ज्यादा मुश्किल है क्योंकि हर कदम पर आप पर सवाल उठाए जाते हैं। खास तौर पर जब आप एक सिलेब्रिटी के तौर पर एंट्री करते हैं, तो यह मान लिया जाता है कि आप फेक हैं। आप जो कर रहे हैं, वह इमेज मेंटेन करने के लिए कर रहे हैं। कोई मानता ही नहीं है कि आप जैसे दिख रहे हैं, वैसे रियल लाइफ में हो सकते हैं। मैंने यह कहा है कि बिग बॉस में रहना एक बड़ी सी अंधेरी सुरंग में रहना है। आप बस रिएक्ट करते जाते हैं, लेकिन आपको नहीं पता कि आप सही दिशा में जा रहे हैं या नहीं। एक वक्त आया, जब लगा कि अब मैं क्या करूं? क्योंकि लोग आपको लगातार नीचा दिखा रहे हैं। जबकि, मुझे पता है कि मैं जो कर रही हूं, वह कोई प्लॉटिंग नहीं है, लेकिन मेरे पास यह साबित करने का कोई जरिया नहीं था। मुझे बस यह उम्मीद थी कि वहां जो कैमरे लगे हैं, उससे यह चीज बाहर आएगी और जो जनता देखेगी, वह मुझ पर यकीन करेगी इसीलिए मैंने वक्त लेकर फिर अपना आत्मविश्वास वापस पाया कि मैं जो असल में हूं, वही रहूंगी और मैं वही रही।’
दिल से बना रिश्ता, तो पीछे क्यों हटूं?
शो में दीपिका पर बार-बार यह आरोप लगा कि वह सिर्फ साथी प्रतिभागी श्रीसंत के इर्द-गिर्द रहती हैं। श्रीसंत की गलत बातों को भी सपॉर्ट करने के लिए उनकी काफी आलोचना भी हुई। इन पर दीपिका का कहना है, ‘मैं जब मैं इस घर में आई थी, तो फैसला किया था कि मैं कोई रिश्ता नहीं बनाऊंगी। लेकिन जब मैं यहां आई, तो भाई (श्रीसंत) के साथ मेरा एक बॉन्ड बना। फिर, जब मुझसे इसे लेकर इतने सारे सवाल किए गए तो मैंने एक कदम पीछे लिया और सोचा कि क्या मैं गलत कर रही हूं? लेकिन मुझे यह अहसास हुआ कि नहीं, ये जो मेरा रिश्ता है, वह रियल है। चूंकि मैं कैमरों के बीच हूं, तो मुझे जबरदस्ती इसे बदलने की जरूरत नहीं है। तब मैंने सोचा कि जो भी हो, मैं उनको सपॉर्ट करूंगी। घर में दो ही लोग सबसे ज्यादा टारगेट किए जाते थे, भाई और मैं। कई मौकों पर उन्होंने भी मुझे मजबूती से सपॉर्ट किया। ऐसे में, अगर कोई मेरे लिए कर रहा है, तो मैं उसके लिए क्यों न कुछ करूं? अगर मेरा बॉन्ड दिल से बन रहा है, तो मैं क्यों खुद को रोकूं? मैं कोई प्लान करके तो आई नहीं थी, अगर मैंने प्लान किया होता, तो पहला कॉमेंट आते ही मैं बदल जाती। यह शो ही ऐसा है, जहां लोग आपकी अच्छाई- बुराई, सब पर उंगली उठाने के लिए ही बैठे हैं, तो लोगों ने उठाई, लेकिन हम दोनों ही शो के फाइनलिस्ट थे और यही उनके सवालों का जवाब है।’
शो में पैसे कमाने आई थी
दीपिका के लिए ‘बिग बॉस’ के घर में जाने का फैसला भी आसान नहीं था, क्योंकि कुछ समय पहले ही वे ऐक्टर शोएब इब्राहिम के साथ शादी के बंधन में बंधी थी। इस फैसले पर दीपिका बताती हैं, ‘यह मुश्किल फैसला था, लेकिन यह जिंदगी की हकीकत है कि हम सब अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए काम करते हैं। बिग बॉस इतना बड़ा रिऐलिटी शो है, जो आपको एक अलग लेवल पर लेकर जाता है। शोएब और मुझ पर बहुत सारी जिम्मेदारियां हैं, जिस पर मुझे गर्व है। इसीलिए, अपने परिवार के लिए हम सबने मिलकर यह फैसला लिया कि मैं यह शो करूंगी। यह मेरी ननद सबा का सपना था कि मैं ‘बिग बॉस’ करूं, तो यह ट्रॉफी उनके लिए है। फिर, अगर कोई बोले कि वह यहां पैसे कमाने नहीं आया है, तो वह झूठ बोल रहा होगा। मैं यहां अच्छे पैसे कमाने आई थी। लेकिन, दीपक ठाकुर के शो की प्राइज मनी से 20 लाख रुपए ले लेने के फैसले से क्या दीपिका को थोड़ा अफसोस है? यह पूछने पर वह कहती हैं, ‘नहीं, मैं उसके फैसले का सम्मान करती हूं।’
सबसे पहले अजमेर शरीफ जाऊंगी
शो के बाद के फ्यूचर प्लान्स पूछने पर दीपिका हंसते हुए कहती हैं, ‘अब मैं फ्री हूं। कलर्स वालों अब कोई नया शो बता दो। वह कहती हैं, अब मैं कोई नया फिक्शन शो करूंगी। लेकिन उससे पहले थोड़ा वक्त अपने परिवार के साथ बिताऊंगी, क्योंकि मैं उनसे इतने दिनों से दूर रही हूं। हालांकि, सबसे पहले मुझे अजमेर शरीफ जाना है, उसके बाद मैं घर जाऊंगी।’
-एजेंसियां

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