कम जगह में भी सजाई जा सकती है बेहतरीन बगिया

हर कोई चाहता है कि उनका घर हरा-भरा और प्रकृति के करीब लगे, लेकिन कभी जगह की कमी तो कभी सही जानकारी का अभाव इसके आड़े आ जाता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स की मानें तो कम जगह में भी बेहतरीन बगिया सजाई जा सकती है, इसके लिए जरूरत है सही सलाह और गार्डनिंग की कुछ बारीकियों से रूबरू होने की।
आइए जानें कि घर के गार्डन की किस तरह करें देखभालः
धूप भी है जरूरी
पौधों के लिए खाद और पानी के साथ धूप भी बेहद जरूरी है। कमरों में रखे पौधों पर भी हफ्ते में एक-दो बार कुछ घंटों के लिए धूप दिखानी चाहिए। हालांकि, उन्हें सीधी धूप से बचाना चाहिए।
बाहर जा रहे हों तो
अगर आप घर से कुछ दिनों के लिए बाहर जा रहे हैं तो पौधों को कमरे से निकालकर खुली जगह में रख देना चाहिए। इसके अलावा गमलों में पानी ऊपर तक भरा जा सकता है। बारिश के मौसम में खुले में रखे पौधे एक हफ्ते तक बिना पानी के हरे-भरे रह सकते हैं। इसके अलावा गमले या पॉट में लीचन/मॉस (तालाब में उगने वाले कुछ खास पौधे) को अच्छी तरह बिछाकर पानी डालें। इससे लम्बे समय तक पौधों में नमी बनी रहेगी। ये पौधे आपको नर्सरी में आसानी से मिल जाएंगे।
जगह की कमी हो तो
जगह की कमी होने पर टेरस या किचन गार्डन बनाया जा सकता है। इसके अलावा बालकनी, खिड़की, लिविंग रूम या लॉन में भी हरियाली बिखेरी जा सकती है परंतु इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि गमलों से आपके घर की दीवारें और फर्श खराब न हों। इसके लिए गमलों को करीब एक-तिहाई खाली रखना चाहिए ताकि पानी डालने पर मिट्टी और खाद बहकर बाहर न निकले।
प्लास्टिक के गमलों से बचें
घर में गार्डनिंग के लिए गमलों के अलावा बाल्टी, टब और बोतलों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। वैसे मिट्टी के गमलों का प्रयोग ज्यादा बेहतर रहता है। इन्हें प्लास्टिक की ट्रे पर रखने से गंदगी घर में नहीं फैलती। गेरू से रंगे गमलों के साथ आजकल बाजार में मिट्टी के ढेरों डिजाइनर गमले भी उपलब्ध हैं। प्लास्टिक के गमलों में पौधों का विकास रुक जाता है। मिट्टी भरने से पहले गमले में छोटे-छोटे पत्थर रखने चाहिए, ताकि पानी के साथ मिट्टी और उनमें मिले पोषक तत्व बहकर बाहर न निकल जाएं। इसके बाद आप गमले में मनचाहा पौधा या बीज रोप सकते हैं।
पानी की नियंत्रित मात्रा
पौधों को पानी देते समय मौसम का खास ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा पौधों को तभी पानी देना चाहिए जब लगे कि गमले की मिट्टी सूख रही है। ज्यादा पानी देने से मिट्टी के कणों के बीच मौजूद ऑक्सीजन पौधों की जड़ों में नहीं पहुंच पाती। सर्दियों में हर तीसरे-चौथे दिन और गर्मियों में रोजाना जरूरत के हिसाब से पानी डालना चाहिए। तेज धूप में पौधों को पानी नहीं देना चाहिए, वरना पौधा झुलस सकता है।
-एजेंसियां

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