नक्सल इलाकों में अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन चलाने का फैसला

नई दिल्‍ली। अर्बन नक्सल पर उठे विवादों के बीच मोदी सरकार नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन को और तेज करेगी। इसके लिए ऑपरेशन ग्रीनहंट को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने का फैसला किया गया है। हाल के दिनों नक्सल प्रभावित जिलों में मिली सफलता से उत्साहित गृह मंत्रालय ने सबसे खतरनाक नक्सल इलाकों में अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन चलाने का फैसला लिया है। इसे अमल में लाने के लिए इसी महीने सभी प्रभावित जिलों के पुलिस कप्तान को बुलाया गया है ताकि नक्सलियों के खिलाफ प्रस्तावित ऑपरेशन को अंजाम दिया जा सके। बैठक की तारीख इसी हफ्ते तय की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार ऐंटी-नक्सल ऑपरेशन को अंतिम रूप देने के लिए एनएसए अजीत डोभाल और गृहमंत्री राजनाथ सिंह खुद लगे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार पिछले साल छत्तीसगढ़ में सुकमा हमले के बाद प्रभावित इलाकों के अलावा कई नक्सल प्रभावित जिलों का दौरा कर वहां ग्राउंड से मिले फीडबैक के आधार पर इस ऑपरेशन को तैयार किया जा रहा है।
सीआरपीएफ को सरकार देगी ‘फ्री हैंड’
अधिकारियों के अनुसार सरकार नक्सल के खिलाफ सीआरपीएफ को और फ्री हैंड देने के मूड में है जिसके तहत नक्सल से निबटने के लिए इन जवानों को आक्रामक तरीके अपनाने को कह सकती है। हालांकि अभी सरकार ने उस प्रस्ताव पर आगे बढ़ने से इंकार कर दिया जिसमें नक्सल के खिलाफ ऑपरेशन में कवर के लिए एयरफोर्स के जवानों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
20 जिलों को नक्सल मुक्त जिला बनाने का टारगेट
मोदी सरकार ने 31 मार्च 2019 से पहले कम से कम 20 और जिलों को नक्सल मुक्त कराने का लक्ष्य बनाया है। गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के 20 ऐसे जिलों की पहचान की है जिसे इस साल तक नक्सल मुक्त करना है।
सरकार की योजना है कि अगर नक्सल संगठनों की फंडिंग को रोक दी जाय तो इससे इनकी पूरी कमर टूट जाएगी। इसके लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में एटीएम में कैश भरने के लिए जाने वाली गाड़ी को लूटने की कई खबरें आने के बाद अब तमाम नक्सल प्रभावित इलाकों में शाम 4 बजे के बाद एटीएम में पैसे नहीं भरे जाएंगे। मालूम हो कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर पहले कहा गया है कि 9 फरवरी 2019 से शहरों में रात 9 बजे और गांवों में शाम 6 बजे के बाद एटीएम में पैसे नहीं भरे जाएंगे।
-एजेंसियां

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