बैठक में ड्रामे के बाद गांगुली का BCCI अध्यक्ष बनना तय

मुंबई। पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली का BCCI चीफ बनना तय है। मुंबई में रविवार रात हुई BCCI की बैठक के दौरान गांगुली के नाम पर सहमति बनी है। हालांकि गांगुली के चयन को लेकर बैठक में खूब ड्रामा भी हुआ।
क्रिकेट के मैदान में ‘दादागीरी’ से लेकर दुनिया की सबसे ताकतवर क्रिकेट संस्था भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI का अध्यक्ष पद के लिए नामित होने तक सौरभ चंडीदास गांगुली के लिए राहें आसान नहीं थीं।
रविवार को मुंबई के एक पांच सितारा होटल में दुनिया की सबसे धनी क्रिकेट संस्था BCCI के ‘बॉस’ चुनने को लेकर बैठक थी। पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और एन श्रीनिवास के गुट आमने-सामने थे। खूब चालें चली जा रही थीं। अध्यक्ष पद के लिए एक तरफ श्रीनिवासन के समर्थन प्राप्त पूर्व क्रिकेटर बृजेश पटेल थे तो दूसरी तरफ भारतीय क्रिकेट में ‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’ के नाम से मशहूर गांगुली। COA के खिलाफ देश की तमाम क्रिकेट संस्थाएं एकजुट होकर यह बैठक कर रही थीं। अंत में गांगुली अपने प्रतिस्पर्धी बृजेश पर भारी पड़े।
खूब चला दांवपेच
क्रिकेट की दो पावरफुल लॉबी ने अपने-अपने उम्मीदवार को अध्यक्ष बनाने कि लिए पूरा जोर लगा दिया था। काफी जोर आजमाइश के बाद बैठक में सब गांगुली के नाम पर सहमत हो गए, वहीं बृजेश पटेल को आईपीएल का चैयरमैन बनाने पर सहमति बनी। गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह BCCI के सचिव जबकि अनुराग ठाकुर के भाई अरुण सिंह ठाकुर कोषाध्यक्ष बनाए जा सकते हैं।
श्रीनिवासन ने की थी तगड़ी लॉबिंग
कहा जा रहा है कि BCCI के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर बृजेश पटेल के नाम की वकालत की थी। इधर, गांगुली ने भी अमित शाह से मुलाकात कर BCCI चीफ बनने को लेकर अपनी इच्छा जताई थी।
गांगुली के साथ थे अनुराग ठाकुर
कहा जा रहा है कि गांगुली को अनुराग ठाकुर का भी समर्थन प्राप्त था। बता दें कि ठाकुर BCCI के अध्यक्ष रह चुके हैं। केंद्र में मंत्री होने के साथ-साथ उनका क्रिकेट प्रशासन में अच्छा दखल माना जाता है। ऐसे में गांगुली की उम्मीदवारी को भी जबरदस्त समर्थन मिला।
10 महीने होगा गांगुली का कार्यकाल
सूत्रों ने बताया कि अंत में गांगुली को BCCI का अध्यक्ष बनाने पर सहमति बनी। बतौर अध्यक्ष गांगुली का कार्यकाल 10 महीने का होगा। फिलहाल गांगुली बंगाल क्रिकेट असोसिएशन के अध्यक्ष हैं और उनके पास क्रिकेट प्रशासन का अच्छा अनुभव है।
-एजेंसियां

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