बेटियों भरो उड़ान, हासिल करो मुकामः डा. देवेन्द्र पाठक

पंडित देवदत्त बालिका इंटर कालेज की छात्राओं ने किया संस्कृति विश्वविद्यालय का शैक्षणिक भ्रमण

मथुरा। आज तकनीकी बदलाव का दौर है। हमें सफलता और तरक्की के लिए न केवल स्वयं के लक्ष्य तय करने होंगे बल्कि कड़ी मेहनत भी करनी होगी। बेटियों आप लोगों में अपार क्षमता और बुद्धि-कौशल है लिहाजा उड़ान भरो और दुनिया मुट्ठी में कर लो उक्त उद्गार सोमवार को शैक्षणिक भ्रमण पर संस्कृति विश्वविद्यालय आईं पंडित देवदत्त बालिका इंटर कालेज छटीकरा, मथुरा की छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कुलपति डा. देवेन्द्र पाठक ने व्यक्त किए।
डा. पाठक ने कहा कि सफलता व तरक्की के लिए कई लोग हाथ-पैर मारते हैं पर कामयाबी उन्हीं को मिलती है जो अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होते हैं। असफलता की मुख्य वजह हमारी उदासीनता, सोच और काम में सही तालमेल का अभाव होता है। सफलता के लिए निरंतरता अहम है। नए विचार नई क्रांति को जन्म देते हैं। नए विचार और नई योजनायें सफलता की धुरी हैं। हमें बदलते दौर के हिसाब से अपने लक्ष्य तय करने चाहिए। हम अपनी क्षमता पर विश्वास रखें। मन में यह विश्वास जरूर होना चाहिए कि मैंने जो सपना देखा है, उसे पूरा किया जा सकता है। बेटियों वैल्यू, नालेज और करेक्टर के महत्व को समझते हुए हमेशा समूह में विचार-विमर्श कीजिए, इससे आपको बहुत कुछ समझने का मौका मिलेगा। डा. पाठक ने कल्पना चावला, चंदा कोचर, इरोम चानू शर्मिला, सुनीता विलियम्स आदि कामयाब महिलाओं के उदाहरण देते हुए छात्राओं का आह्वान किया कि कभी-कभी हम जब सफलता की राह पर अग्रसर होते हैं तो कुछ निराश करने वाली बातें हमारे सामने आती हैं, परन्तु यदि हम उन बातों पर ध्यान न देकर सिर्फ अपने लक्ष्य के बारे में चिन्तन करें तो हमें सफलता जरूर मिलती है। इस अवसर पर कुलपति डा. पाठक ने संस्कृति विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न विषयों की जानकारी देते हुए छात्राओं को हरसम्भव मदद का आश्वासन दिया।
उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि संस्कृति विश्वविद्यालय बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्पित है। संस्थान छात्राओं को कई तरह की सहूलियतें दे रहा है जिनमें और इजाफा किया जाएगा। शिक्षिका वीना कुमारी और राखी शर्मा के मार्गदर्शन में पंडित देवदत्त बालिका इंटर कालेज छटीकरा, मथुरा की छात्राओं ने संस्कृति विश्वविद्यालय की विभिन्न प्रयोगशालाओं को करीब से देखा और टेक्नीशियनों से जानकारी हासिल की। भ्रमण करने के बाद छात्राओं ने संस्कृति विश्वविद्यालय की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कुलपति डा. देवेन्द्र पाठक, महाप्रबंधक साइबल चटर्जी, विजय सक्सेना आदि का आभार माना।