मानवता की आड़ में बसाए जा रहे रोहिंग्या घातक: विष्णुशंकर जैन

नई द‍िल्‍ली। म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों को एक बडे षड्यंत्र के अंतर्गत भारत में अवैध रूप से बसाया जा रहा है। वे जम्मू-कश्मीर, असम, पंजाब, उत्तर भारत, मेवात (हरियाणा) सहित देश के अनेक भागों में कैंसर के समान बढ़ रहे हैं। मेवात में हिंदुओं की भूमि पर अतिक्रमण कर हिन्दू युवतियों का अपहरण, बलात्कार, हिन्दुओं की हत्या, मंदिरों की तोड़फोड़, घर हथियाना इत्यादि कृत्य उन्होंने आरंभ किए हैं। ऐसे अमानवीय, साथ ही अनेक आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त रोहिंग्याओं को मानवता के दृष्टिकोण से भारत में रहने देना, देश हित के लिए घातक है। ‘हिन्दू जनजागृति समिति’ आयोजित ‘रोहिंग्या-बांग्लादेशी घुसपैठिए: राष्ट्रीय सुरक्षा पर संकट’ व‍िषय पर ‘ऑनलाइन विशेष संवाद’ में बोलते हुए ‘हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस’ के प्रवक्ता तथा सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने उक्‍त तथ्‍य उजागर कि‍ए।

अधिवक्ता जैन ने आगे कहा कि प्रशांत भूषण और कॉलिन गोन्साल्विस जैसे अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय में रोहिंग्याओं के लिए लड़ रहे हैं तथा ‘ज़कात फाउंडेशन’ जैसे धर्मांध संगठन रोहिंग्याओं को पूरे देश में बसाने का कार्य कर रहे हैं। इस विषय में पूरे देश में जनजागृति करनी चाहिए।

विश्‍व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि पहले शरणार्थी बनकर ये लोग आश्रय लेते हैं। आगे स्वयं की जनसंख्या बढाकर उस देश में अपना वर्चस्व निर्माण करते हैं। इस प्रकार उन्होंने विश्‍व के 56 इस्लामी देश बनाए हैं। म्यांमार से हजारों किलोमीटर दूर स्थित जम्मू में हजारों रोहिंग्याओं को क्यों बसाया गया? इसके पीछे जम्मू को कश्मीर के समान हिन्दू विहीन करने का जिहादी विचार था। रोहिंग्याओं की बस्ती भारतीय सैनिक दल की छावनी के निकट बसाई गई। तदुपरांत सैनिक छावनियों पर बम विस्फोट किए गए। वर्ष 2008 में दिल्ली में शरणार्थियों का दर्जा मांगने के लिए एकत्रित हुए तीन हजार रोहिंग्या बाद में कहां गए, यह पता नहीं चला। इसलिए सरकार पर आश्रित न रहते हुए सभी हिंदुओं को स्वयं जागृत और संगठित होना चाहिए, तभी घुसपैठ रुकेगी।

सनातन संस्था के धर्म प्रचारक अभय वर्तक ने कहा कि घुसपैठ राष्ट्रीय सुरक्षा पर संकट है। वर्ष 2012 में 40 हजार रोहिंग्या थे, जिनकी संख्या अब कुछ लाख हो गई है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दी जानकारी के अनुसार भारत में 6 करोड़ से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं। नई जानकारी के अनुसार दिल्ली में 11 हजार अफगानिस्तान से आए घुसपैठिए हैं। उन्होंने दिल्ली में ‘मिनी काबुल’ बसाया है। दिल्ली में रोहिंग्याओं की झोपड़‍ियां अचानक जलने पर उनसे मिलने ‘आप’ के नेता आए। उन्होंने रोहिंग्याओं को दिल्ली सरकार की ओर से आर्थिक सहायता, नया घर, बिजली, पानी दिए जाने की घोषणा की अर्थात बहुसंख्यक हिन्दू कर भरें और सुविधाएं घुसपैठियों को दी जाएं, यह हिन्दू कदापि सहन नहीं करेंगे।
घुसपैठियों को मानवता की दृष्टि से देखने पर हिन्दू ‘मानव’ के रूप में नहीं बचेंगे। इस समय हिन्दू जनजागरण मंच के असम के विधि प्रमुख अधिवक्ता राजीव कुमार नाथ ने कहा कि असम की हजारों किलोमीटर की सीमा म्यांमार से सटी है। इसलिए स्थानीय धर्मांधों की सहायता से रोहिंग्याओं को योजनाबद्ध पद्धति से भारत में बसाया जाता है, यही वस्तुस्थिति है।
– Legend News

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