कोरोना क्राइसिस के बीच भी दमानी की दौलत में इजाफा

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस ने फिलहाल जहां बड़े-बड़े कारोबारियों की कमर तोड़ दी है वहीं देश के सबसे अमीर 12 कारोबारियों में शामिल एक कारोबारी ऐसा भी है जिसकी दौलत पर कोरोना डंक नहीं मार सका है। इस कारोबारी का नाम है राधाकृष्ण दमानी।
ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स जिन 12 भारतीय अमीरों की दौलत को ट्रैक करता है, दमानी उनमें से एक हैं।
दमानी एवेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिडेट को कंट्रोल करते हैं। ऐवेन्यू से होने वाली तकरीबन पूरी कमाई दमानी की नेटवर्थ के बराबर होती है। इस साल कंपनी के शेयरों के दाम करीब 18 पर्सेंट चढ़ चुके हैं और दमानी की दौलत 5 पर्सेंट बढ़कर 10.2 अरब डॉलर हो गई है।
क्यों बढ़ी दमानी की दौलत?
पूरे देश में लॉकडाउन के दौरान दमानी की दौलत बढ़ने का पूरा श्रेय जमाखोरी को दिया जा सकता है। कोरोना ने पूरी दुनिया को हिला रखा है और देश में लॉकडाउन की वजह से लाखों लोग घरों में खाने-पीने का सामान स्टॉक कर रहे हैं। पिछले दिनों खूब स्टॉकिंग हुई, जिसका फायदा दमानी को मिला।
अंबानी को बड़ा घाटा
दमानी मुंबई में एक वन-रूम अपार्टमेंट में पले-बढ़े हैं। उनकी दौलत ऐसे समय में बढ़ रही है, जब मुकेश अंबानी और उदय कोटक जैसे नामचीन और बड़े कारोबारियों को स्टॉक रूट से बड़ा घाटा हुआ है। मुकेश अंबानी की नेट वर्थ 32% घट गई। कॉस्ट स्ट्रक्चर के लिए जानी जाने वाली उनकी सुपरमार्केट चेन को 21 दिनों के लॉकडाउन में खाने-पीने की टेंशन भुलाने के लिए लोगों की पैनिक बायिंग का फायदा मिला।
लो-कॉस्ट मॉडल का जारी रहेगा फायदा!
ऐसा माना जा रहा है कि राधाकृष्ण की दौलत बढ़ने का लॉकडाउन से कोई खास लेना-देना नहीं। उनके बिजनेस का लो-कॉस्ट मॉडल पैनिक बायिंग न होने के बाद भी अच्छा चलेगा। उनकी सुपरमार्केट चेन ग्राहकों को कम चॉइस देती है और वेंडर्स से काफी नेगोशिएट करती है, विज्ञापनों पर कोई खर्च करने से बचती है।
कॉम्पिटीटर्स को नहीं हुआ फायदा
डी-मार्ट के कॉम्पिटीटर्स को कोरोना वायरस के कारण पैदा हुए समान हालात में फायदा नहीं हुआ। देश की दूसरी सबसे बड़ी रीटेल चेन फ्यूचर ग्रुप के देशभर में 1300 स्टोर्स हैं लेकिन इसकी रीटेल यूनिट के शेयरों में इस साल 80 पर्सेंट की गिरावट दर्ज की गई।
बहरहाल, अगर लॉकडाउन बढ़ता है तो जाहिर है दमानी और एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेल्फ खाली होने लगेंगे। फिलहाल, दमानी स्टोर्स के रैक्स को दोबारा भरने की का प्रबंध कर रहे हैं।
-एजेंसियां

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