पर्दा उठा: वायरल हुए दो वीडियोज ने खोला विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया का झूठ

नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है और उनका एनकाउंटर किया जा सकता है। गुजरात क्राइम ब्रांच ने तो पहले ही तोगड़िया के आरोपों को झूठा करार दे दिया है और अब ऐसे सबूत सामने आए हैं जो तोगड़िया के झूठ से पर्दा उठा रहे हैं। जी हां, ग्यारह घंटे तक लापता रहे प्रवीण तोगड़िया ने कैमरे के सामने एक के बाद एक गंभीर आरोप लगाए। साजिश, एनकाउंटर और अपनी बेहोशी को लेकर तमाम बातें कही लेकिन अब दो वीडियो सामने आए हैं, जो तोगड़िया के झूठ का पर्दाफाश कर रहे है।
क्या है वायरल हुए इन दोनों वीडियो में?
पहला वीडियो 27 सेकंड का है। मंगलवार देर रात 11 बजे वायरल हुए इस वीडियो में दिख रहे शख्स का नाम है घनश्याम चरणदास। घनश्याम चरणदास वीएचपी कार्यकर्ता के साथ तोगड़िया के अच्छे मित्र भी हैं। सोमवार को वीएचपी दफ्तर से निकलने के बाद तोगड़िया इन्हीं के घर पर गए थे। वीडियो में घनश्याम ये कन्फेस कर रहे हैं कि तोगड़िया के गायब होने का असली मकसद सरकार विरोधी माहौल बनाना था। वीडियो में घनश्याम किसी को ये बता रहे हैं कि तोगड़िया की गिरफ्तारी की अफवाह के बाद समर्थक सड़कों पर निकल पड़े हैं और कई शहरों में हंगामा और प्रदर्शन हो रहा है। ऐसे में सरकार के सामने माहौल बनाने का ये अच्छा मौका है।
वहीं दूसरे वीडियो में तोगड़िया एक घर में दाखिल होते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में तोगड़िया के साथ एक और शख्स है। इनके बारे में कहा जा रहा है कि ये घनश्याम चरणदास ही हैं। अब सवाल ये है कि आखिर तोगड़िया झूठ क्यों बोल रहे हैं और ये झूठ बोलकर वो किसे फंसाना चाहते थे। वीएचपी के फायरब्रांड नेता प्रवीण तोगड़िया का ये रूप पहली बार दिखा था। जिस नेता के बयान विवाद बनते थे, जिस नेता की जुबान खुलते ही विरोधियों को नस्तर की चुभते थे, उस नेता को दुनिया ने पहली बार रोते हुए देखा।
क्राइम ब्रांच की जांच में हो गया दूध का दूध और पानी का पानी
तोगड़िया के इस रूप को और उनके आरोपों को सबने सुना लेकिन क्राइम ब्रांच की जांच में सब-कुछ दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। क्राइम ब्रांच ने साफ कर दिया कि तोगड़िया के आरोप झूठे हैं, उन्हें किडनैप करने या एनकाउंटर की कोई साजिश नहीं थी। तोगड़िया ने कहा कि वो वीएचपी दफ्तर से सहयोगी धीरूभाई कपूरिया के साथ ऑटो से निकले थे। कोतरपुर में तबीयत खराब हुई तो किसी ने उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया लेकिन जांच हुई तो उनकी एक-एक बात झूठी निकली। जांच में पता चला कि तोगड़िया निकले तो थे अपने सहयोगी के साथ लेकिन वो वहां से सीधे अपने दोस्त घनश्याम चरणदास के घर पहुंचे जहां वो देर शाम तक रुके।
तोगड़िया का दावा                             जांच में आया सच
मेरे एनकाउंटर की साजिश              ऐसी कोई साजिश नहीं
कोई किडनैप करना चाहता था        खुद से गायब हुए थे तोगड़िया
रास्ते में बेहोश हो गया था                दोस्त के घर में थे तोगड़िया
अनजान शख्स ने एंबुलेंस बुलाई      दोस्त के ड्राइवर ने एंबुलेंस बुलाई
बेहोशी होकर अस्पताल पहुंचे         पूरे होश में अस्पताल पहुंचे
एंबुलेंस अस्पताल लेकर पहुंची        अस्पताल को पहले से खबर थी
क्यों झूठ बोल रहे हैं तोगड़िया?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक तोगड़िया घनश्याम और उनके ड्राइवर के साथ शाम 7 बजकर 52 मिनट पर निकले थे। ड्राइवर उन्हें लेकर 8 बजकर 33 मिनट पर कोतरपुर पहुंचा। यहीं से घनश्याम के ड्राइवर ने एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस पहुंची तो एंबुलेंस के ड्राइवर से कहा गया कि वो तोगड़िया को लेकर सीधे चंद्रमणी अस्पताल पहुंचे। एंबुलेंस सर्विस की रिपोर्ट के मुताबिक तोगड़िया को जब अस्पताल लाया गया था तब वो होश में थे और सब-कुछ नॉर्मल था।
तोगड़िया के झूठ का पर्दाफाश
इतना ही नहीं, जांच में ये भी सामने आया है कि तोगड़िया को रात नौ बजे के बाद जिस चंद्रमणी अस्पताल में भर्ती कराया गया वहां उनके सहयोगियों ने शाम छह बजे ही संपर्क साध लिया था और डॉक्टर को बता दिया गया था कि तोगडिया आने वाले हैं और उनकी बीमारी के बारे में क्या कहना है।
-एजेंसी