सूखी खांसी और सांस लेने में परेशानी से निजात दिलाता है गाय का घी

– गर्म पानी के साथ एक चम्मच गाय के घी का सेवन करने से सांस लेने में आसानी होगी और सूखी खांसी ठीक होगी।
– रोजाना 2 बूंद गाय का देसी घी नाक में डालने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
– प्रतिदिन सुबह खाली पेट 1-2 चम्मच गाय का घी खाने से धमनियां मोटी नहीं होती। रक्त प्रवाह में भी सुधार होता है।
– गाय का घी वातावरण में मौजूद धूल, धुंआ और प्रदूषण से होने वाली ऐलर्जी को कम करता है। साथ ही गले, नाक और सीने के संक्रमण से भी बचाव करता है।
सेहत के प्रति जागरूक लोगों का मानना है कि फैट फ्री खाना और एक्सर्साइज, वजन कम करने के लिए सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि, स्वास्थ्य के लिए सभी तरह का फैट खराब नहीं होता। शरीर में कुछ फैट ऐसा भी होता है जो आपके ओवरऑल विकास के लिए अच्छा हो सकता है।
गाय का घी भी ऐसा ही एक हेल्दी फैट है जिसे खाने के कई फायदे हैं।
पाचन में सुधार
आयुर्वेद के मुताबिक, गाय का घी छोटी आंत की अवशोषण क्षमता में सुधार करने के साथ ही गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट के अम्लीय पीएच को कम करता है। यह ओमेगा-3 फैटी ऐसिड का एक समृद्ध स्रोत है जो कलेस्ट्रॉल को कम करता है।
वक्त से पहले बूढ़ा होने से बचाता है
गाय का घी प्राकृतिक ऐंटिऑक्सिडेंट है जो मुक्त कणों को समाप्त करता है और ऑक्सिकरण प्रक्रिया को रोकता है जिससे यह हमारे मस्क्युलोस्केलेटल सिस्टम में परिवर्तन को रोकता है और वक्त से पहले उम्र बढ़ने से बचाता है। यह अल्जाइमर रोग को भी रोकता है।
त्वचा को फायदा
घी हमारे सिस्टम से विषाक्त पदार्थों को निकाल देता है। आंत के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। साथ ही बालों और त्वचा को स्वस्थ रखता है और हड्डियों को मजबूत बनाता है।
बॉडी को शेप में रखे
यदि ओवरवेट नहीं होना चाहते हैं तो गाय का घी सबसे अच्छा विकल्प है। अगर आप अधिक मात्रा में हाइड्रोजेनेट घी का प्रयोग करेंगे तो रक्त धमनियां मोटी होने लगेंगी। इससे शरीर में वसा का संचय होने के साथ मेटाबॉलिज्म कम होने लगता है। इसलिए कोशिश करें कि गाय का घी खाएं।
-एजेंसियां

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