Research student हत्याकांड में दो माह में गवाही पूरी करने के हाईकोर्ट के आदेश

आगरा। आगरा के दयालबाग शिक्षण संस्थान की Research student की लैब में 15 मार्च, 2013 को हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने आदेश दिया है कि हर हाल में दो महीने के भीतर गवाही पूरी कर ली जाए। इसके लिए कोर्ट ने शनिवार को आदेश पारित कर दिया। वादी का बयान भी पूरा कर लिया गया है। केस में धारा 376ए की वृद्धि की गई है। इससे आरोपी उदयस्वरूप की मुश्किल बढ़ गई है।
हाईकोर्ट ने पिछले दिनों Research student हत्याकांड केस छह महीने में निस्तारित करने के आदेश किए थे। इसी आदेश के अनुपालन में अपर जिला जज वीके जायसवाल ने सभी गवाहों की गवाही दो महीने में पूरी करने के आदेश किए हैं।

शनिवार को वादी मृतका के पिता का बयान हुआ, जोकि कई घंटे तक चला। कोर्ट में उनकी गवाही और जिरह पूरी हो गई। अभियुक्त पक्ष की ओर से लंबी जिरह की गई। अगले गवाह के बयान के लिए 23 जनवरी की तिथि नियत कर दी है। इसके साथ ही आरोपी यशवीर संधु पर सामूहिक दुष्कर्म की धारा नहीं लगाई गई।

आरोपी का प्रार्थनापत्र खारिज
उधर, कोर्ट ने आरोपी उदयस्वरूप के प्रार्थनापत्र को भी खारिज कर दिया। इसमें आरोपी पक्ष ने पुलिस और सीबीआई की अलग-अलग चार्जशीट, धाराओं, तथ्यों और यशवीर संधु को क्लीनचिट देने को आधार बनाते हुए खुद को अपराध से मुक्त करने की याचना की थी। इसके साथ ही कोर्ट ने केस में लगी धारा 302, 376 और 201 में संशोधन कर धारा 376ए की वृद्धि की है। इससे आरोपी उदयस्वरूप की मुश्किल बढ़ गई है।

यह है धारा 376ए

वरिष्ठ अधिवक्ता बसंत गुप्ता के मुताबिक, धारा 376 ए के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति किसी स्त्री के साथ दुष्कर्म करता है और उससे उसे चोट आती हैं, जिससे उसकी मृत्यु होती है। दोषी को न्यूनतम 20 वर्ष तक और अधिकतम मृत्यु होने तक कारावास में रहने की सजा का प्रावधान है। यह प्रावधान वर्ष 2013 में संशोधन करके किया गया है।

15 मार्च, 2013 को हुई थी हत्या
मूलरूप से दिल्ली निवासी शोध छात्रा को 15 मार्च, 2013 को दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीइआई) की लैब में कटर से मारा गया था। पुलिस ने संस्थान के प्रमुख अधिकारी के रिश्तेदार उदयस्वरूप और लैब असिस्टेंट यशवीर सिंह संधू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

पुलिस की जांच में पाया गया था कि उदयस्वरूप ने दुष्कर्म में नाकाम होने पर नेहा की हत्या की थी। इस मामले के खुलासे के लिए छात्र-छात्राओं ने आंदोलन चलाया था। जुलाई, 2013 में जांच सीबीआई को दे दी गई थी।

सीबीआई ने पांच जनवरी, 2016 को उदयस्वरूप के खिलाफ हत्या (धारा 302), दुष्कर्म (धारा 376) और साक्ष्य मिटाने (धारा 201) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपी यशवीर सिंह संधू की भूमिका नहीं पाई थी।

मामले में 36 गवाह बनाए गए। सबसे अहम साक्ष्य डीएनए परीक्षण रिपोर्ट का था। रेप की आशंका के चलते बनाई गई स्लाइड से डीएनए सैंपल लिया गया था। इसका मिलान उदयस्वरूप के डीएनए से कराया गया था।

-एजेंसी

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