Mob lynching पर कोर्ट के फैसले को 13 सितंबर लागू किया जाए: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्‍ली। देशभर के Mob lynching मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन राज्यों को एक हफ्ते का समय दिया है जिन्होंने कोर्ट के दिशा-निर्देश का अब तक पालन नहीं किया है। सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को राज्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि कोर्ट के फैसले को 13 सितंबर लागू किया जाए, नहीं तो राज्यों के गृह सचिव को तलब किया जाएगा।

13 सितंबर को होगी मामले की अगली सुनवाई
वहीं, सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने इस मसले ओर कानून बनाने पर विचार करने के लिए मंत्रियों के एक समूह का गठन किया है। अब तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने को लेकर केंद्र सरकार, 9 राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश अनुपालन रिपोर्ट दाखिल कर चुके हैं। मामले की अगली सुनवाई 13 सितंबर को होगी।

क्या हुआ पिछली सुनवाई में
दरअसल, पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों से Mob lynching की घटनाओं को रोकने के लिएक्या कदम उठाए गए हैं, इस बारे में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकारों को दिशा-निर्देश जारी किया था। कोर्ट ने मॉब लिंचिंग और गौरक्षा के नाम पर होने वाली हत्याओं को लेकर कहा था कि कोई भी नागरिक कानून अपने हाथ में नहीं ले सकता। डर और अराजकता की स्थिति में राज्य सरकारें सकरात्मक रूप से काम करें। कोर्ट ने संसद से यह भी कहा था कि वो देखे कि इस तरह की घटनाओं के लिए कानून बन सकता है क्या?

केंद्र और राज्य सरकार को जारी की गाइडलाइन
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को दी गई गाइडलाइन जारी करने को कहा था और अगले 4 हफ्तों में कोर्ट में जवाब पेश करने के नर्देश भी दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने जाति और धर्म के आधार पर Mob lynching के शिकार बने लोगों को मुआवजा देने की मांग कर रही लॉबी को भी बड़ा झटका दिया था। चीफ जस्टिस ने वकील इंदिरा जयसिंह से असहमति जताते हुए कहा था कि इस तरह की हिंसा का कोई भी शिकार हो सकता है सिर्फ वो ही नहीं जिन्हें धर्मा और जाति के आधार पर निशाना बनाया जाता है।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के लालवंडी गांव में गो तस्करी के आरोप में कुछ कथित गोरक्षकों ने रकबर खान नामक एक शख्स को पीट-पीटकर मार डाला था। इसके अलावा Mob lynching में रकबर खान की मौत के मामले में राज्यपुलिस पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है किपुलिस ने रकबर को अस्पताल पहुंचाने की जगह बरामद गायों को पहले गौशाला पहुंचाने को तरजीह दी। इसकी वजह से रकबर को अस्पताल पहुंचाने में तीन घंटे की देरी हुई और उसकी मौत हो गई थी।

-एजेंसी

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