कोरोना: लड़ाई को कमजोर करने में लगे हैं लापरवाह और अफवाह फैलाने वाले तत्‍व

देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की गति तेज होने लगी है। इस बीच कुछ लोग तमाम अपीलों और सुझावों को नजरअंदाज करते हुए लापरवाही की खौफनाक मिसाल पेश कर रहे हैं। कुछ जगहों पर तो लोगों ने रविवार को जनता कर्फ्यू की अपील की भी धज्जियां उड़ा दीं। आज लॉकडाउन के बीच कई जगह भीड़भाड़ की तस्वीरें आने लगीं हैं। इससे खफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर अपनी नाराजगी जाहिर की। आज जब Cornavirus से होने वाली Covid-19 महामारी से एकजुट होकर मुकाबला करने का वक्त है तो कुछ संदिग्ध अस्पताल से भाग रहे हैं तो कुछ ट्रेनों से यात्रा कर रहे हैं। कोविड-19 महामारी का दुनियाभर में मच रहे तांडव को देखकर भी लोग संभल नहीं रहे हैं। दुख की बात यह है कि ऐसे लोगों में बॉलिवुड की मशहूर हस्ती से लेकर जाने-माने नेता तक शामिल हैं।
आइए जानते हैं, अब तक सामने आई कुछ ऐसी बातें जो वाकई निराशाजनक हैं…
यूपी के कानपुर में सब्जी मंडी में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी जबकि शहर में 25 मार्च तक लॉकडाउन घोषित है।
दिल्ली से सटे नोएडा की तरफ जाने वाली गाड़ियों की कतार लग गई। आखिर पुलिस वालों को इन्हें रोकने की कोशिश करनी पड़ी।
22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बावजूद दिल्ली के आलमी मरकज बंगले वाली मस्जिद में मुसलमानों का हुजूम उमड़ा। लोग एक-दूसरे को गले लगाते दिखे।
खचाखच भरी बस तो ऊपर चढ़े लोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद लोगों से अपील कर रहे हैं कि जो जहां हैं वहीं रहें क्योंकि उनकी यात्रा से खुद उन पर और दूसरों पर भी कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ेगा लेकिन लोग यात्रा करने से नहीं बच रहे। बिहार के दरभंगा जा रही बस जब अंदर से खचाखच भर गई तो लोग ऊपर चढ़कर भी यात्रा करने से बाज नहीं आए।
दरअसल, लॉकडाउन के चलते फैक्ट्रियां समेत तमाम कारोबारी संस्थान बंद है। ऐसे में लोगों के पास काम नहीं बचा और वो गांव लौटने को उतावले हो गए हैं।
मूर्खों ने #covididiots टॉप ट्रेंड करवा दिया
ट्विटर पर ऐसे ही लोगों के लिए गुस्से का इजहार हो रहा है। मूर्खता दिखा रहे लोगों की तस्वीरें और वीडियोज शेयर कर रहे लोगों ने #covididiots टॉप ट्रेंड करवा दिया।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का ट्ववीट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ऐसे लोगों के प्रति नाराजगी का इजहार किया 

अस्पताल से भाग रहे संदिग्ध
दिल्ली के लोकनयाक जयप्रकाश नारायण (LNGP) अस्पताल से 19 मार्च को कोरोना के छह संदिग्ध भाग गए। उन्हें अगले दिन उनके घरों से ढूंढकर अस्पताल लाया गया। 14 मार्च को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के एक सरकारी अस्पताल से कोरोना वायरस के तीन संदिग्ध बिना सूचना दिए भाग गए। इनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं।
ट्रेनों से बेखौफ यात्रा कर रहे कोरोना से संदिग्ध
रेलवे ने बताया कि पिछले दिनों कोरोना वायरस के 12 मरीजों ने रेल यात्रा की। इससे उनके संपर्क में आने वाले लोगों में वायरस फैलने का खतरा पैदा हो गया
रेलवे के मुताबिक ये यात्राएं 13 से 16 मार्च के बीच की गई हैं। रेलवे के मुताबिक आंध्र प्रदेश संपर्क क्रांति ट्रेन में 13 मार्च को यात्रा करने वाले 8 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
जर्मनी-इटली से घूमकर आए, सबको किया संक्रमित
पंजाब के नवांशहर जिला स्थित पठलवा गांव के निवासी बल्‍देव सिंह की लापरवाही ने न केवल उनकी जान ले ली बल्कि परिवार के चार सदस्यों की जान को भी खतरे में डाल दिया। बल्देव अपने साथियों के साथ जर्मनी और इटली गए थे। उन सभी ने देश लौटने के बाद न अपनी जांच करवाई और न ही किसी तरह की सतर्कता बरती। बल्देव का कोविड-19 से 18 मार्च को देहांत हो गया। बल्देव के साथ जर्मनी और इटली गए संत गुरबचन सिंह आनंदपुर साहिब में होला मोहल्ला समारोह में भी शामिल हुए। उनके तीसरे साथी दलजिंदर सिंह विदेश से लौटकर लोगों से खूब घुलते-मिलते रहे। नतीजा है कि गांव के सरपंच भी संक्रमित हो गए हैं।
​​SP नेता रामाकांत यादव
समाजवादी पार्टी के नेता रामाकांत यादव ने तो हद कर दी। उन्होंने कोरोना को केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी की तरफ से उड़ाया गया अफवाह बता दिया।
उन्होंने कहा कि केंद्र एनआरसी, सीएए, एनआरपी, महंगाई जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए कोरोना का शोशा छोड़ दिया। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर किसी को कोरोना है तो वह उसे गले तक लगाने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा, ‘बड़ी शर्म है लगती है कि कोरोना के लिए इमर्जेंसी लगाई जा रही है।’ रामाकांत यादव के खिलाफ उचित धाराएं लगाकर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
गायिका कनिका कपूर
बॉलिवुड की पार्श्व गायिका कनिका कपूर की लापरवाही तो बेहद शर्मनाक है। कनिका 9 मार्च को लंदन से मुंबई लौटीं, फिर फ्लाइट से 11 मार्च को लखनऊ गईं। वहां से कानपुर में अपने रिश्तेदार के घर चली गईं। 13 मार्च को दोबारा लखनऊ आईं। वह तीन पार्टियों में गईं, जहां करीब 160 लोग उनके संपर्क में आए थे। सांसद दुष्यंत सिंह भी एक पार्टी में उनके साथ थे जो संसद और राष्ट्रपति भवन गए। कनिका की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई तो अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उन्होंने खूब नखरे दिखाए। आखिरकार स्वास्थ्यकर्मियों को उन्हें कहना पड़ा कि वो अस्पताल में खुद को सिलेब्रिटी की तरह नहीं, एक मरीज के तौर पर पेश हों।
फोन पर शेखी बघारता शख्स
एक व्यक्ति ने यह दावा किया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत सरकार से खतरनाक कोरोना वायरस के चलते 15 अप्रैल से 15 जून तक देश को पूरी तरह से बंद कर देने की सिफारिश की है। फोन पर शेखी बघारते उसका ऑडियो वॉट्सऐप वायरल हो गया।
आखिरकार, केंद्र सरकार के जनसंपर्क कार्यालय को स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। उसने ट्वीट कर इस दावे को झूठ और फर्जी बताया।
झूठ बोला कि एनएसए लगा
कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इस भयावह परिस्थिति में खुद और अपने परिवार की चिंता किए बिना ड्यूटी पर तैनात हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो ऐसे ‘कोरोना कमांडर्स’ के प्रति आभार जताने की जगह झूठ फैलाने में जुटे हैं। इन्हीं में एक निकला गुजरात का अभिमन्यु आचार्य। वह 21 मार्च को टोरंटो से आबू धाबी होते हुए भारत लौटा था। उसने दावा किया अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उसकी कोई थर्मल स्क्रीनिंग नहीं हुई थी और उसे सिर्फ एक सेल्फ डेक्लेरेशन फॉर्म भरने को कहा गया था। हालांकि, एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा शेयर किए गए सीसीटीवी फुटेज में उसका आरोप गलत निकला। अब गुजरात पुलिस ने इस अभिमन्यु के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
शाहीन बाग की जिद्दी औरतें
कोरोनो वायरस पर दिल्ली में लॉकडनाउन के बावजूद शाहीन बाग की जिद्दी औरतें धरने पर अड़ी हुई हैं। हालांकि उनकी जिद के कारण प्रदर्शनकारियों में मतभेद भी सामने आने लगे हैं। रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान प्रदर्शनकारी दो गुटों में बंट गए थे और उनके बीच मारपीट भी हुई थी। हालांकि, अब वहां से शिफ्टों में धरना देने की खबर आई है।
-एजेंसियां

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