कोरोना: राहुल के इतर आनंद शर्मा ने की मोदी सरकार के प्रयासों की तारीफ

नई दिल्‍ली। एक तरफ मोदी सरकार ने ईरान में फंसे 234 भारतीयों को निकाल लिया है और वह जैसलमेर पहुंच चुके हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने भी कह दिया है कि वह सरकार के प्रयासों से संतुष्ट हैं।
ऐसा नहीं है कि आनंद शर्मा संतुष्ट हैं तो इसका मतलब ये है कि पूरी कांग्रेस भी संतुष्ट है। कोरोना वायरस से लड़ने के प्रयासों को लेकर कांग्रेस में विरोधाभास दिख रहा है। आनंद शर्मा संतुष्ट नजर आ रहे हैं, लेकिन कांग्रेस नेता और पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी मोदी सरकार की कोशिशों और नीतियों से बिल्कुल भी खुश नहीं हैं। उनके अनुसार तो मोदी सरकार की कोशिशें नाकाफी हैं।
कोरोना पर सरकार के कदमों से संतुष्ट: आनंद शर्मा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कोरोना वायरस से लड़ने में मोदी सरकार की कोशिशों पर संतुष्टि जताते हुए कहा है- ‘मैं सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों और कोरोना वायरस को चेक करने के लिए की गई तैयारियों से पूरी तरह से संतुष्ट हूं।’
उन्होंने ये भी कहा कि देश विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रोटोकॉल को फॉलो कर रहा है, जो इस वायरस से लड़ने के लिए बहुत जरूरी है।
राहुल गांधी कोस रहे हैं मोदी सरकार को
एक ओर आनंद शर्मा कोरोना वायरस से लड़ने की मोदी सरकार की कोशिशों से खुश हैं, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी इसी को लेकर मोदी सरकार को कोसते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना वायरस का संकट गहराता जा रहा है, जिसका देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है लेकिन मोदी सरकार इसके लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है।
राहुल गांधी ने कोरोना वायरस की वजह से शेयर बाजार को हुए नुकसान का जिक्र करते हुए ये भी कहा कि वह बार-बार कह रहे थे कोरोना वायरस गंभीर समस्या है लेकिन मोदी सरकार को जो एक्शन लेना चाहिए था, वह नहीं लिया।
उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार की पॉलिसी ने अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है, लेकिन पीएम मोदी की ओर से अर्थव्यवस्था पर एक शब्द भी नहीं निकल रहा है।
‘सरकार गिराने से फुर्सत मिल गई तो कोरोना पर भी बोलें पीएम’
कुछ दिन पहले ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा था- ‘सेंसेक्स गिर चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को महामारी करार दिया है। लोग परेशान हैं। अगर पीएम मोदी को चुनी हुई सरकार गिराने से फुर्सत मिल गई हो तो देश के लिए जरूरी विषयों पर भी बोल दें।’
सुरजेवाला ने भी मोदी सरकार को घेरा था
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी मोदी सरकार को घेरते हुए कहा था कि शेयर बाजार में आम आदमी के 11 लाख करोड़ रुपए स्वाहा हो गए हैं। कोरोना वायरस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम अपर्याप्त हैं। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार के पास कोई रणनीति नहीं है। अस्पतालों में सैनिटाइजर और मास्क नहीं हैं, इनकी ब्लैक मार्केटिंग हो रही है लेकिन सरकार इस पर रोक नहीं लगा पा रही है।
अब अगर कांग्रेस नेता आनंद शर्मा के बयान को राहुल-प्रियंका समेत बाकी कांग्रेस नेताओं के संदर्भ में देखा जाए तो कांग्रेस के अंदर से एक विरोधाभास की तस्वीर सामने आती है। यूं लग रहा है कि कांग्रेस में कुछ लोग सिर्फ इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि वह विरोधी पार्टी हैं। हालांकि, ये भी हो सकता है कि कांग्रेस में अंदरखाने वैचारिक मतभेद हो गया हो।
वैसे भी कुछ ही दिन पहले वैचारिक मतभेद की वजह से ही मध्य प्रदेश में कांग्रेस के अहम नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है और सरकार गिरने के कगार पर जा पहुंची है, क्योंकि उनके साथ-साथ कई विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि आनंद शर्मा के बयान पर राहुल गांधी क्या तर्क देते हैं, क्योंकि आनंद शर्मा का बयान एक तरह से राहुल गांधी का विरोध करने वाला है।
-एजेंसियां

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