AMU के बाद PWD गेस्ट हाउस में सर सैयद अहमद खां की तस्वीर पर विवाद

अलीगढ़ मुस्‍ल‍िम यूनिवर्स‍िटी AMU में मोहम्मद अली जिन्ना के बाद अब एक और तस्वीर पर विवाद शुरू हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां खैर कस्बे में मौजूद पीडब्ल्यूडी के गेस्ट हाउस में AMU संस्थापक सर सैयद अहमद खां की तस्वीर हटाने के बाद से एक नया विवाद पैदा हो गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिन्ना की तस्वीर के विवाद के बीच ही यहां से भी तस्वीर हटाई गई है।
हालांकि यह तस्वीर क्यों हटाई गई है, इसे लेकर अभी वजह साफ नहीं है। उधर, अलीगढ़ में जिन्ना विवाद के बाद पत्रकारों से बदसलूकी का भी मामला सामने आया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आंदोलन कर रहे छात्रों ने जिन्ना विवाद को कवर करने पहुंचे कुछ पत्रकारों और फटॉग्राफर्स को निशाना बनाया है। इस दौरान कुछ पत्रकारों से मारपीट भी की गई। बता दें कि जिन्ना की तस्वीर को लेकर उठा विवाद अभी तक थमा नहीं है। इस मामले को लेकर अभी भी AMU परिसर में छात्रों का प्रदर्शन जारी है।
अब गेस्ट हाउस से सर सैयद की तस्वीर हटाए जाने का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है।
स्थानीय सांसद सतीश कुमार गौतम ने भी माना कि जब वे पिछली बार बैठक में गेस्ट हाउस गए थे तो सर सैयद की तस्वीर वहां लगी थी। उन्होंने कहा कि यह तस्वीर क्यों हटाई गई है, इस बारे में उन्हें भी कोई जानकारी नहीं है।
इंटरनेट सेवाओं पर बैन जारी
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी कैंपस में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर मचे घमासान के हुई हिंसा के मामले में जिला प्रशासन ने मैजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। शहर में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासन ने धारा 144 लागू करने के साथ ही इंटरनेट सेवाओं को भी बैन किया है। फिलहाल इस पर बैन जारी है।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्र उन दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे थे, जो AMU छात्रसंघ भवन से जिन्ना की तस्वीर हटाने के लिए कैंपस में घुसने की कोशिश कर रहे थे। यह तस्वीर AMUSU हॉल में कई दशक से टंगी हुई है।
इस मामले में हिंदू युवा वाहिनी के जिला उपाध्यक्ष आदित्य पंडित ने कहा, ‘हमने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को एक ज्ञापन दिया है, जिसमें पुलिस वालों पर पथराव करने वाले छात्रों पर कार्यवाही की मांग की गई है। इस दौरान अफसरों समेत कई लोग जख्मी हुए थे। इसके साथ ही AMU के हॉस्टल में रहने वाले सभी कश्मीरी छात्रों के पिछले रेकॉर्ड की जांच होनी चाहिए, क्योंकि उनमें से कई के आतंकियों से संबंध हैं।’
-एजेंसी

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