84 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए गठित SIT के मुखिया होंगे रिटायर्ड जस्‍टिस धींगरा

नई दिल्ली। 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मौत के बाद देश भर में फैले सिख विरोधी दंगों के 186 केसों की फिर जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT की अगुआई जस्टिस (रिटायर्ड) शिव नारायण धींगरा करेंगे।
तीन सदस्यीय इस जांच समिति में धींगरा के अलावा रिटायर्ड आईपीएस राजदीप सिंह और मौजूदा आईपीएस अभिषेक दुलार होंगे। समिति को दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा गया है।
समिति 1984 में हुए सिख दंगों के 186 मामलों की जांच करेगी। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को करेगा।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दंगों से जुड़े 186 केस की फिर से जांच की अनुमति दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए एक कमेटी के गठन का निर्देश दिया था। पहले SIT ने इन केसों को बंद कर दिया था। गौरतलब है कि 1984 दंगों की इन 186 केसों को SIT की टीम ने अपनी जांच के बाद बंद कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में SIT के इस फैसले को चुनौती दी गई, जिसे कोर्ट ने मान लिया।
उल्लेखनीय है कि इस मामले की सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल (SIT) द्वारा 1984 दंगों से संबंधित 293 में से 240 मामलों को बंद करने के निर्णय पर कोर्ट ने आपत्ति जताई थी। केस बंद करने के फैसले पर संदेह जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इनमें में 199 मामलों को बंद करने का कारण बताने के लिए कहा था।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सिख दंगों से जुड़े केस और उनकी स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। केंद्र की रिपोर्ट में बताया गया कि हिंसा से जुडे 650 केस दर्ज किए गए थे जिनमें से 293 केसों की SIT ने छानबीन की थी। रेकार्ड खंगालने के बाद इनमें से 239 केस SIT ने ने बंद कर दिए थे, जिनमें 199 केस सीधे-सीधे बंद कर दिए गए।
-एजेंसी