IPL के ल‍िए UAE नहीं आने वाले विदेशी खिलाड़ियों की सैलरी काटने पर व‍िचार

नई द‍िल्‍ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पदाध‍िकार‍ियों के बीच IPL2021 के बाकी बचे 31 मैचों में भाग न लेने वाले व‍िदेशी ख‍िलाड़‍ियों की सैलरी काटने पर व‍िचार चल रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में कराने के लिए तैयारी के ल‍िए बोर्ड प्रेसिडेंट सौरव गांगुली और सचिव जय शाह समेत कई टॉप अधिकारी UAE में प्रवास कर रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाड़ियों के लीग के दौरान उपलब्ध न होने की खबरों के बाद बोर्ड ने विदेशी खिलाड़ियों पर सख्ती करने की तैयारी कर ली है। इनसाइड स्पोर्ट्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, UAE नहीं आने वाले विदेशी खिलाड़ियों की सैलरी काटी जाएगी। IPL फेज-2 18-19 सितंबर से शुरू हो सकता है। वहीं, फाइनल 9-10 अक्टूबर को खेला जा सकता है।

बेन स्टोक्स और पैट कमिंस जैसे क्रिकेटर सितंबर में होने वाली प्रतियोगिताओं के दूसरे चरण से बाहर रह सकते हैं। बीसीसीआई के एक अधिकारी इनसाइडस्पोर्ट. को का बताया कि सीजन से बाहर होना उन्हें महंगा पड़ेगा।

उदाहरण के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स के पैट कमिंस हैं, जिन्हें 2020 में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) द्वारा रिकॉर्ड 15.5 करोड़ रुपये में खरीदा गया था, अगर वह यूएई में आईपीएल 2021 चरण 2 में जगह नहीं बना पाते हैं, तो वे केवल 7.75 करोड़ घर ले जाएंगे।

खिलाड़ियों को उनके मैच के मुताबिक पैसे मिलेंगे
रिपोर्ट के मुताबिक, पैट कमिंस जैसे खिलाड़ियों के बाकी मैच मिस करने पर उनकी फ्रेंचाइजी प्रोराटा (PRO-RATA) बेसिस पर उनकी सैलरी का भुगतान करेगी। यानी खिलाड़ियों ने जितने मैच खेले हैं, उसके हिसाब से उन्हें सैलरी दी जाएगी। उदाहरण के तौर पर कमिंस को कोलकाता नाइट राइडर्स ने 15.5 करोड़ रुपए में खरीदा था। अगर वे IPL का दूसरा फेज जॉइन नहीं करते हैं, तो उन्हें सिर्फ 7.75 करोड़ रुपए मिलेंगे।

खिलाड़ी पर लगी बोली ही उसकी सैलरी होती है

जब कोई खिलाड़ी ऑक्शन में खरीदा जाता है, तो उस पर लगी बोली ही उसकी सैलरी होती है। यह सैलरी हर एक सीजन के लिए होती है। उदाहरण के तौर पर 2021 सीजन को लिए कमिंस की सैलरी 15.5 करोड़ रुपए थी।
BCCI विदेशी खिलाड़ियों की सैलरी का कुछ पर्सेंट उनके बोर्ड को भी देता है। कमिंस के केस में ये क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को दिया जाता है। जिस देश के जितने खिलाड़ी, उनके होम बोर्ड को उतने रुपए मिलते हैं।
IPL खेलने वाले खिलाड़ियों को एक सीजन की सैलरी 12 महीने के अंदर 3 से 4 इंस्टॉलमेंट में दी जाती है। पहली किश्त में 20%, आधे टूर्नामेंट के बाद 50% और टूर्नामेंट पूरा होने के बाद बाकी 30% रुपए दिए जाते हैं।
खिलाड़ियों के टूर्नामेंट के दौरान चोटिल होने पर उन्हें फुल सैलरी दी जाती है। कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक अगर किसी वजह से ऑर्गेनाइजर टूर्नामेंट पूरा नहीं करवा पाता है, तब भी खिलाड़ियों की फुल सैलरी दी जाएगी।
अगर खिलाड़ी किसी निजी कारण से पूरा सीजन नहीं खेल पाते हैं, तो फ्रेंचाइजी उन्हें प्रोराटा बेसिस पर पे करेगी। बाकी बचे 31 मैच नहीं खेलने वाले विदेशी खिलाड़ियों पर इसी क्लॉज का इस्तेमाल किया जाएगा।

इंग्लैंड और बांग्लादेश के खिलाड़ियों का खेलना मुश्किल
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर एश्ले जाइल्स ने पहले ही कह चुके हैं कि IPL के दूसरे लेग के लिए उनके खिलाड़ी UAE नहीं जा पाएंगे। इस दौरान इंग्लैंड को काफी देशों के साथ सीरीज हैं। ऐसे में ओएन मोर्गन, जॉश बटलर समेत कई इंग्लिश प्लेयर्स की सैलरी कट सकती है।

कमिंस पर भी सस्पेंस
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज पैट कमिंस भी बाकी बचे मैचों के दौरान परिवार के साथ रहेंगे और UAE नहीं आएंगे। ऐसे में इस तेज गेंदबाज की भी सैलरी कट सकती है। वहीं, बांग्लादेशी खिलाड़ी शाकिब अल हसन और मुस्तफिजुर रहमान के भी IPL खेलने के बेहद कम चांसेज हैं।

भारतीय खिलाड़ियों पर PRO-RATA नियम लागू होगा?
स्टैंडर्ड कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक, भारत के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर चुके खिलाड़ियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। इसमें BCCI की प्लेयर्स इंश्योरेंस स्कीम काम आएगी। इसे 2011 IPL के दौरान उस वक्त के BCCI सचिव एन श्रीनीवासन ने भारतीय खिलाड़ियों से बात करने के बाद लागू किया गया था। इसके तहत खिलाड़ियों के निजी कारणों से IPL में हिस्सा नहीं लेने पर कंपनसेट किया जाएगा।
-एजेंसी

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