वैक्‍सीन की कमी को लेकर गडकरी के सुझाव पर कांग्रेस का तंज

नई दिल्‍ली। कोविड-19 वैक्‍सीन की कमी को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सुझाव पर कांग्रेस के राज्‍यसभा सांसद जयराम रमेश ने तंज कसा है।
गडकरी ने कहा था कि वैक्‍सीन बनाने के लिए और कंपनियों को लाइसेंस दिया जाना चाहिए। इस पर रमेश ने ट्वीट करते हुए कहा कि ‘लेकिन क्‍या उनके (गडकरी) बॉस सुन रहे हैं?
यही तो डॉ. मनमोहन सिंह ने 18 अप्रैल को सुझाया था।’ बाद में गडकरी ने ट्वीट करके कहा कि उन्‍हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि केमिकल और फर्टिलाइजर्स मंत्रालय पहले ही इस दिशा में आगे बढ़ चुका है।
सिंह ने पिछले महीने केंद्र सरकार को अपने पत्र में ज्‍यादा से ज्‍यादा कंपनियों से वैक्‍सीन का उत्‍पादन करवाने का सुझाव दिया था। गडकरी ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि अगर एक कंपनी के बजाय 10 कंपनियों को वैक्‍सीन बनाने का लाइसेंस दे दिया जाए तो सप्‍लाई की दिक्‍कत दूर हो जाएगी।
सरकार पहले ही शुरू कर चुकी है काम
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार दोपहर कहा कि केंद्र सरकार 12 अलग-अलग प्‍लांट/कंपनियों के जरिए वैक्‍सीन बना रही है और उत्‍पादन को और बढ़ाने की कोशिश में है।
गडकरी के मुताबिक स्‍वदेशी जागरण मंच की कॉन्‍फ्रेंस में जब उन्‍होंने अपना सुझाव रखा तो उन्‍हें इस बात की जानकारी नहीं थी। गडकरी ने केमिकल और फर्टिलाइजर्स मंत्री मनसुख मांडवीय को इस बात के लिए बधाई दी।
वर्धा में शुरू कराया था रेमडेसिविर का उत्‍पादन
गडकरी ने इसी महीने कोविड-19 के इलाज में इस्‍तेमाल होने वाली दवा रेमडेसिविर का उत्‍पादन अपने गृह राज्‍य महाराष्‍ट्र में शुरू कराया था। अमेरिकन कंपनी गिलीड साइंसेज के पास इसका पेटेंट है, उसने हेटेरो फार्मा समेत सात भारतीय कंपनियों को लाइसेंस दे रखा है। गडकरी ने वर्धा की जेनेटिक लाइफ साइंसेस का हेटेरो के साथ एग्रीमेंट कराया और उत्‍पादन शुरू करा दिया।
-एजेंसियां

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