मैनपुरी, Kannauj समेत सात सीटों पर प्रत्याशी नहीं उतारेगी कांग्रेस

लखनऊ। राज बब्बर ने आज रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर ऐलान किया कि मैनपुरी, Kannauj और फिरोजाबाद समेत सात सीटों पर कांग्रेस अपने प्रत्याशी नहीं उतारेगी। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सात सीटों पर अपने प्रत्याशी नहीं उतारेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजब्बर ने रविवार को कहा कि कांग्रेस प्रदेश में 80 में से सात सीटों पर प्रत्याशी नहीं उतारेगी। उन्होंने बताया कि मैनपुरी, Kannauj और फिरोजाबाद के साथ ही जिस सीट पर बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, रालोद के अजीत सिंह, जयंत चौधरी जहां से चुनाव लड़ेंगे, वहां कांग्रेस अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी।

राजबब्बर ने कहा कि, भाजपा के लोग कहते हैं कि 2019 में चुनाव जीते तो देश मे चुनाव नहीं होगा। भाजपा नहीं चाहती है कि विपक्ष सवाल करे। नेहरू से लेकर राहुल तक मानते हैं कि विपक्ष सवाल करे। दूसरी विचारधारा का हमेशा सम्मान किया है। राज बब्बर ने कहा कि हम दो सीटें गोंडा व पीलीभीत अपना दल (कृष्णा पटेल) को दे रहे हैं।

गठबंधन ने हमारे लिए 2 सीट छोड़ी है। उसी परिपाटी को देखते हुए हमने गठबंधन के साथी सपा, बसपा और रालोद के लिए 7 सीटें छोड़ रहे हैं। मैनपुरी, कन्नौज, फिरोजाबाद, मायावती जहां से चुनाव लड़े वह सीट और जहां से जयंत और अजित सिंह चुनाव लड़ेंगे वह सीट छोड़ेंगे। अभी छह सीटें ही बताई है। सातवीं को लेकर कहा अब सात कह दिया तो सात सीट ही छोड़ेंगे।

राजबब्बर ने कहा कि, पुराने साथी तारीक सिद्दीकी ने दोबारा कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं। इस देश में फांसीवादी ताकतें जिस तरह से बढ़ रही हैं। लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश की है। भाजपा के लोग कह रहे हैं कि, 2019 का चुनाव जीतेंगे तो उसके बाद देश में चुनाव नहीं होंगे। ये फासीवादी लोग विपक्ष की बात को नहीं सुनना चाहते हैं।

जन अधिकार पार्टी से सात सीटों पर समझौता

राजबब्बर ने कहा कि, कांग्रेस ने जन अधिकार पार्टी के साथ गठबंधन किया है। 7 सीटों पर समझौता किया गया है। पांच सीट पर जनाधिकार पार्टी अपने सिम्बल पर चुनाव लड़ेंगे और 2 सीटों पर समीकरण देखते हुए हमारे सिम्बल पर चुनाव लड़ेंगे। भीम आर्मी के चंद्रशेखर ने जो ट्वीट किया है, उसमें कहा है कि अगर सभी दलों ने समर्थन किया तो उन्हें लड़एंगे। राज बब्बर ने ये भी बताया कि हमने गठबंधन के लिए महान दल से भी बात की थी। जिस पर उन्होंने कहा कि हम उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए जितनी भी सीटें देंगे वह हमसे सहमत होंगे। वह विधानसभा चुनाव में भागीदारी चाहते हैं। लोकसभा चुनाव में वह हमारे (कांग्रेस) सिंबल पर लड़ने को तैयार हैं।

मायावती-अखिलेश की सीटों को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं

मैनपुरी में सपा ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, कन्नौज से डिंपल यादव, फिरोजाबाद से अक्षय यादव को उतारा है। इसके अलावा कांग्रेस ने रालोद प्रमुख अजीत सिंह, उपाध्यक्ष जयंत चौधरी, बसपा प्रमुख मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है। अजीत सिंह मुजफ्फरनगर, जयंत चौधरी बागपत सीट से प्रत्याशी हैं। मायावती व अखिलेश यादव कहां से चुनाव लड़ेंगे, इस पर अभी तस्वीर साफ नहीं की गई है।

सपा-बसपा गठबंधन ने कांग्रेस के लिए छोड़ी है दो सीट

सूबे में बसपा-सपा ने 38-37 सीटों पर गठबंधन किया है। गठबंधन के दौरान ऐलान किया गया था कि अमेठी व रायबरेली में कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व के लिए सपा-बसपा प्रत्याशी नहीं उतारेगी। साथ ही इस गठबंधन में रालोद के लिए तीन सीट बागपत, मुजफ्फरनगर व मथुरा सीट छोड़ी गई है। हालांकि भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर से प्रियंका गांधी की मुलाकात के बाद मायावती व कांग्रेस के बीच तल्खी जरुर आई थी। मायावती ने अमेठी व रायबरेली में प्रत्याशी उतारने का इशारा किया गया था। लेकिन कांग्रेस के नरम पड़े रुख को देखते हुए अब सपा-बसपा दोनों सीट पर प्रत्याशी नहीं उतारेगी, ऐसी चर्चा सियासी गलियारे में है।
-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »