कांग्रेस कोई भी एक काम बता दे, जो उन्होंने बाबा साहेब के लिए किया हो: पीएम

बेंगलुरु। कर्नाटक के महासमर में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एससी/एसटी और ओबीसी समुदाय के लोगों के साथ संवाद कर कांग्रेस के ‘अहिंदा (माइनॉरिटीज, बैकवर्ड क्लासेज, दलितों का कन्नड़ में शॉर्ट फॉर्म) कार्ड’ को कमजोर करने की कोशिश की।
दूसरी ओर बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने मुख्‍यमंत्री सिद्धारमैया के विधानसभा क्षेत्र बादामी में मेगा रोड शो करके अपनी ताकत अहसास कराया।
अमित शाह ने बादामी में रोड शो कर सिद्धारमैया को घेरा
बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह और बीएस येदियुरप्‍पा ने चुनाव प्रचार के आखिरी दिन बादामी में रोड शो करके राज्‍य के मुख्‍यमंत्री सिद्धारमैया को घेरने की कोशिश की। बता दें, सिद्धारमैया चांमुडेश्‍वरी के अलावा बादामी से भी चुनाव लड़ रहे हैं। अमित शाह ने कहा, ‘कांग्रेस ने एसडीपीआई और पीएफआई के साथ गठबंधन करके राष्‍ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला है। कांग्रेस और पीएफआई का गठजोड़ हर कोई जानता है।’ उन्‍होंने कहा कि 12 मई को होने जा रहे विधानसभा चुनाव में बादामी से सिद्धारमैया हार का सामना करने जा रहे हैं।
चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सबसे पहले पीएम मोदी ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोला। प्रधानमंत्री ने बीजेपी के SC/ST/OBC और स्‍लम कार्यकर्ताओं के साथ नमो ऐप के जरिए संवाद के दौरान कांग्रेस पर हमला बोला। पीएम मोदी ने दलित चिंतकों को श्रद्धा का केंद्र बताते हुए कहा, ‘मैं बेहद जिम्मेदारी से चुनौती देता हूं कि कांग्रेस कोई भी एक काम बता दे, जो उसने बाबा साहेब के लिए किया हो।’
मोदी ने दलित और ओबीसी मतदाताओं को साधा
उन्‍होंने कहा कि जब तक कांग्रेस पार्टी सत्‍ता में थी, तब तक बाबा साहेब को भारत रत्‍न नहीं दिया। कांग्रेस ने कभी भी बाबा साहेब का सम्‍मान नहीं किया ज‍बकि बीजेपी डॉक्‍टर आंबेडकर के सपनों का भारत बनाने में लगी हुई है। उन्‍होंने बताया कि केंद्र की एनडीए सरकार ने एससी/एसटी ऐक्‍ट को और कड़ा किया है और अपराधों की सूची को 22 से बढ़ाकर 47 किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ओबीसी समुदाय का वोट तो चाहती है लेकिन उन्‍होंने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा नहीं देने दिया। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा मिलने से रोकने के लिए ही कांग्रेस ने संसद नहीं चलने दी।
उन्‍होंने कहा, ‘हमारी सरकार OBC समुदाय के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। इन बच्चों को थोड़ा सा सहारा मिल जाए तो ये देश को भी आगे ले जा सकते हैं।’
दरअसल, बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद के दौरान पीएम मोदी ने दलित, ओबीसी कार्ड के बहाने सीधे तौर पर सीएम सिद्धारमैया के अहिंदा वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है। माइनॉरिटीज, बैकवर्ड क्लासेज और दलितों को कन्नड़ में शॉर्ट फॉर्म के रूप में अहिंदा कहा जाता है। सिद्धारमैया के ‘लिंगायत कार्ड’ के बाद दबाव में आई बीजेपी की तरफ से ऐसी रणनीति की पहले ही उम्मीद जताई जा रही थी।
-एजेंसी

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