बीजेपी के शानदार प्रदर्शन से कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना सदमें में

Congress, NCP and Shiv Sena shock from BJP's spectacular performance
बीजेपी के शानदार प्रदर्शन से कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना सदमें में

मुंबई। महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में जहां बीजेपी का शानदार प्रदर्शन कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के लिए खतरे की घंटी साबित हुआ तो वहीं यूपी विधानसभा चुनाव में मिले प्रचंड बहुमत से ये पार्टियां गहरे सदमे में चली गई हैं।
यूपी के नतीजों ने कांग्रेस-एनसीपी के नेतृत्व में घबराहट पैदा कर दिया है। महाराष्ट्र के एक कांग्रेसी नेता ने कहा, ‘अमेठी जैसे अपने गढ़ में ही हम हार गए और वे जीत गए। अगर हम अपने काम करने का तरीका नहीं बदलेंगे, तो 2019 में बीजेपी को वापस महाराष्ट्र की सत्ता में आने से नहीं रोक पाएंगे। पार्टी को महाराष्ट्र में भरोसेमंद और मजबूत चेहरे को ही सीएम का चेहरा बनाना होगा। ऐसा करके ही हम सीएम देवेन्द्र फड़णवीस और पीएम नरेंद्र मोदी को चुनौती दे सकेंगे।’
पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अब राज्य में पूरी इकाई में बदलाव कर सकती है। पार्टी के महाराष्ट्र और मुंबई चीफ में बदलाव भी संभव है। पूर्व सीएम अशोक चव्हाण अभी प्रदेश इकाई जबकि संजय निरुपम मुंबई इकाई के चीफ हैं।
वहीं एनसीपी नेतृत्व के अधिकतर विधायक बगैर शक्ति के परेशान हैं और दलबदल की फिराक में हैं। शिवसेना द्वारा समर्थन वापस लेने की स्थिति में एनसीपी के कई विधायक पार्टी से टूट कर बीजेपी को समर्थन देने की योजना में थे। इससे पहले 2014 के चुनावों से पहले भी कई एनसीपी नेता पार्टी छोड़कर बीजेपी में चले गए थे।
वहीं शिवसेना भी यूपी चुनावों के बाद से परेशान है। प्रदेश की राजनीति में बीजेपी की घुसपैठ और क्षेत्रीय दलों के सफाए से घबराहट मची है। लेकिन शिवसेना के हाथ बंधे हुए हैं। आर्थिक फायदे के लिए शिवसेना, बीजेपी पर निर्भर है। वहीं बदले में शिवसेना सरकार में बीजेपी को सपॉर्ट कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार कांग्रेस और एनसीपी जैसी पार्टियों की ऐसी हालत की वजह जनता से जुड़ाव का समाप्त हो जाना है। नेताओं को अपना कुर्ता गंदा हो जाने की फिक्र छोड़ते हुए जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ना होगा।
-एजेंसी

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