मतगणना से पहले ही कांग्रेस ने Draft कर ली थी सुप्रीम कोर्ट में जाने की याचिका

कर्नाटक में बहुमत मिलने को लेकर संशय के चलते कांग्रेस ने मतगणना से पहले ही सुप्रीम कोर्ट में जाने के लिए याचिका Draft कर ली था।
इसके बाद येदियुरप्पा सरकार को सुप्रीम कोर्ट में अंतिम चुनौती देने से पहले कर्नाटक में पल-पल में बदलती स्थिति को देखते हुए याचिका के Draft में तीन बार सुधार भी किया गया।
गौरतलब है कि कर्नाटक में सियासी संकट के बादल अभी भी घिरे हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बीएस येदियुरप्पा सरकार को बहुमत साबित करने के लिए एक दिन का वक्त दिया है। अब शनिवार को शाम चार बजे फ्लोर टेस्ट होगा।
बता दें कि बुधवार को कर्नाटक में येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस की तरफ से याचिका दायर हुई थी। सुप्रीम कोर्ट में आधी रात से सुबह तक चली सुनवाई के पीछे कांग्रेसी राजनीति की पूरी पटकथा छिपी है।
सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस की तरफ से दायर याचिका अचानक नहीं बनी थी, बल्कि चुनाव से पहले ही इसे Draft कर लिया गया था।
गोवा से सबक लेते हुए तैयार की थी संभावित याचिका
बता दें कि कर्नाटक चुनाव के नतीजे आने से पहले ही कांग्रेस की तरफ से याचिका का संभावित Draft तैयार कर लिया गया था। यह इस आधार पर था कि अगर कर्नाटक में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती है तो उसे किसी भी तरह दूसरा गोवा बनने से रोकना है। पिछले साल गोवा में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई थी लेकिन बीजेपी ने कांग्रेस को चकमा देते हुए चुनाव बाद गठबंधन करते हुए गोवा में सरकार बना ली थी।
चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस और सिंघवी को चौंकाया
इस अनुभव से सबक लेते हुए कांग्रेस में अभिषेक मनु सिंघवी के नेतृत्व वाली लीगल टीम ने सुप्रीम कोर्ट से राज्य की सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए न्योता देने की मांग करते हुए एक याचिका तैयार कर ली थी, लेकिन जब मंगलवार को नतीजे सामने आए तो यह कांग्रेस के साथ-साथ सिंघवी के नेतृत्व वाली लीगल टीम के लिए भी यह चौंकाने वाले थे।
इस टीम में देवादत्त कामत, राजेश इनामदार, जावेद रहमान, आदित्य भट और गौतम तालुकदार शामिल हैं।
याचिका में किया गया संशोधन
लीगल टीम ने नतीजों को देखते हुए याचिका में तुरंत संशोधन कर कोर्ट से कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को सरकार बनाने की इजाजत की मांग के लिए री-Draft किया।
दरअसल, कांग्रेस के थिंक टैंक को अनुमान हो गया था कि राज्यपाल 116 विधायकों वाले गठबंधन को बुलाने में देरी करेंगे और बीएस येदियुरप्पा को विरोधी पार्टी से विधायकों को अपने पाले में खींचने के लिए पर्याप्त समय देंगे।
राज्यपाल ने दिया बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता
याचिका बुधवार शाम 7 बजे के करीब फाइनल हुई और सिंघवी ने इसे पास किया, लेकिन जैसे ही वह कोर्ट का रुख करने को तैयार हुए एक और झटका सामने आ गया। राज्यपाल ने येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दे दिया था। खबर सुनकर घबराए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सिंघवी को फोन कर परामर्श किया।
तीसरी बार याचिका को किया गया ड्राफ्ट
इसके बाद सिंघवी ने कामत और दूसरे जूनियर्स को कॉल कर याचिका को फिर से Draft करने को कहा और इसे राज्यपाल के फैसले को असंवैधानिक करार देने की मांग के अनुरूप तैयार करने को कहा। राज्यपाल ने चुनाव बाद कांग्रेस-जेडीएस के गठबंधन के पास पर्याप्त बहुमत होने की बजाय उन्हें सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया गया था। कोर्ट में इस मसले पर बहस करने के लिए याचिका तैयार की गई कि राज्यपाल को पूर्ण स्पष्ट बहुमत का सबूत होने पर भी गठबंधन को आमंत्रित न किए जाने का अधिकार नहीं है।
11 बजे मिली सुप्रीम कोर्ट में जाने की इजाजत
आखिरकार सिंघवी और उनकी टीम को याचिका को अंतिम रूप देते हुए रात के साढ़े दस बज गए। इसके बाद लीगल टीम कॉपी को लेकर जब तक कोर्ट पहुंची, सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे बंद हो चुके थे। कोर्ट के सिक्यॉरिटी गार्ड्स गेट खोलने से इंकार कर दिया। इसके बाद टीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के पास पहुंची और आखिकार 11 बजे लीगल टीम को कोर्ट में जाने की इजाजत मिली।
रजिस्ट्रार ने याचिका की जांच करते हुए मामले की तत्कालिकता के बारे में पूछा। इस पर कामत ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि याचिका पर तत्काल सुनवाई जरूरी है या नहीं इसे रजिस्ट्रार को तय करने का अधिकार नहीं है। इसके बाद रजिस्ट्रार ने 12:30 बजे चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के आवास पहुंचकर उन्हें मामले की जानकारी दी।
सीजेआई ने पौने दो बजे सुनवाई की घोषणा की
सीजेआई ने दूसरे जजों से सलाह लेकर 1:45 पर सुप्रीम कोर्ट में कोर्ट नंबर 2 में सुनवाई की घोषणा की। कोर्ट नंबर 2 का नाम सुनते ही मीडिया में कयास लगाए गए कि यह जस्टिस चेलेमेश्वर की पीठ है जिन्होंने मीडिया के सामने दो अन्य जजों के साथ मिलकर न्यायपालिका की स्थिति को उजागर करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। हालांकि कोर्ट के अधिकारियों ने जल्द ही स्पष्ट किया कि सुनवाई कोर्ट नंबर 6 में होगी और पीठ की अगुवाई जस्टिस एके सीकरी करेंगे।
-Legend News

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