व्‍यावसायिक मामले पर डीआईएएल और इंडिगो में टकराव

नई दिल्ली। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) और सस्ते में हवाई यात्रा करानेवाली एयरलाइन इंडिगो एक व्‍यावसायिक मामले पर भिड़ गए हैं।
जानिए, इस मामले में अब तक क्या हुआ और इसे सुलझाने के लिए क्या-क्या हुआ…
1. टर्मिनल का मुद्दा
एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 का इस्तेमाल सभी सस्ती घरेलू उड़ानों- इंडिगो स्पाइसजेट और गोएयर- के लिए होता था।
इस टर्मिनल की क्षमता सालाना 2 करोड़ पैसेंजर्स को हैंडल करने की है लेकिन वित्त वर्ष 2017 में यहां से 2.4 करोड़ यात्रियों ने आवाजाही की और मौजूदा वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 2.6 करोड़ तक पहुंचने का है।
2. समाधान
डीआईएएल एक तिहाई ट्रैफिक टर्मिनल 2 पर ट्रांसफर करना चाहता है।
वह टर्मिनल 1 के विस्तार का काम शुरू करने के लिए इसका कुछ हिस्सा खाली करवाना चाहता है ताकि 2020-21 तक इसकी क्षमता बढ़ाकर दोगुना किया जा सके।
3. डीआईएएल का प्रस्ताव
जनवरी में डीआईएएल ने स्पाइसजेट और गोएयर को टर्मिनल 2 पर पूरी तरह से शिफ्ट होने का विकल्प दिया।
…या अक्टूबर के आखिर तक इंडिगो, स्पाइसजेट और गोएयर के एक-तिहाई फ्लाइट्स टर्मिनल 2 पर शिफ्ट हो जाएं।
4. बाधाएं
इंडिगो ने कुछ घरेलू उड़ानों को शिफ्ट करने से इंकार कर दिया और बात नहीं बनी जबकि गोएयर 29 अक्टूबर से टर्मिनल 2 पर पूरी तरह शिफ्ट हो गया लेकिन स्पाइसजेट यह कहते हुए अड़ गया कि वह इंडिगो के राजी होने के बाद ही खुद शिफ्ट होगा।
डीआईएएल ने मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु बेस्ड इंडिगो और स्पाइसजेट फ्लाइट्स को जनवरी 2018 से टर्मिनल 2 से ऑपरेट करने का आदेश दिया।
इस आदेश के खिलाफ इंडिगो हाई कोर्ट चला गया।
5. अब डीआईएएल क्या कर रहा है?
जनवरी से ही एलसीसीज के साथ बातचीत हो रही है लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई।
एविएशन मिनिस्ट्री ने कहा कि डीआईएएल का आदेश आखिरी है।
6. इंडिगो ने क्या कहा?
घरेलू उड़ानों को टर्मिनल 1 और 2 में विभाजित करने का विरोध कर रहा है।
हमारी जरूरतों के मुताबिक टर्मिनल 2 की क्षमता बढ़ा दी जाए तो वह पूरी तरह से वहां जाने के लिए तैयार है।
सिर्फ इंडिगो और स्पाइसजेट ही टर्मिनल 3 से इंटरनेशनल फ्लाइट्स और डोमेस्टिक फ्लाइट्स ट्रमिनल 1 से ऑपरेट करते हैं।
एयर इंडिया और जेट जैसी दूसरी एयरलाइंस का पूरा ऑपरेशन टर्मिनल 3 से होता है।
घरेलू उड़ानों के विभाजन का मतलब होगा कि इंडिगो और स्पाइसजेट तीन अलग-अलग टर्मिनल्स से ऑपरेट करेंगे।
इससे कस्टमर्स कन्फ्यूज होंगे क्योंकि अक्टूबर से शुरू हुए पीक सीजन में बड़ी संख्या में अडवांस बुकिंग हो चुकी है।
-एजेंसी