धूमधाम से संपन्न हुआ नोंगक्रेम नृत्य उत्सव

स्मित/मेघालय। खासी पहाड़ी इलाकों का सांस्कृतिक गढ़ माने जाने वाले स्मित में वार्षिक नोंगक्रेम नृत्य उत्सव बेहद धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया।

अनाज की भरपूर पैदावार की उम्मीद में देवी का ब्ले सिनशार को मनाने के लिए युवा खासी पुरुष और महिलाएं पारंपरिक लोकगीतों पर खूब झूमे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने अपने संदेश में कहा कि यह उत्सव स्थानीय लोगों के बीच दोस्ती और संवेदनाओं के रिश्ते को मजबूत करता रहा है।

उन्होंने कहा, “यह त्योहार इसी तरह हमारी सांस्कृतिक जड़ों को सुरक्षित रखे और शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और प्रगति के हमारे साझा उद्देश्यों को पाने के लिए दोस्ती और करुणा के मजबूत रिश्ते बनाए रखे।’’

नृत्य का खासियों के जीवन से काफी गहरा संबंध

धूमधाम से संपन्न हुआ Nongkrem Dance Festival
धूमधाम से संपन्न हुआ Nongkrem Dance Festival

मेघालय के उत्सव मेघालय के जनजाति कई उत्सव बड़े धूमधाम से मनाते हैं। नृत्य का खासियों के जीवन से काफी गहरा संबंध है। कई बार किसी व्यक्ति के सामाजिक जीवन को प्रदर्शित करने के लिए नृत्य का सहारा लिया जाता है।

यह नृत्य गांव के स्तर पर भी होता है। साथ ही गांवों का एक समूह भी नृत्य में भाग लेता है और कई बार तो गांवों के समूहों का समूह आपस में मिलकर नृत्य करते हैं।

स्थानीय और क्षेत्रिय फ्लेवर नृत्य में विविधता पैदा करते हैं, जो कि खासी फोल्क कल्चर में सामान्य है। खासियों के उत्सवों में का शाद सुक मिनसीम, का पोम्बलांग नोंगक्रेम, का शाद सिंगविआंग थानगेप, का शाद किनजोह खासकैन, का बाम खाना शनोंग, उमसान नोंगखराई और शाद बेह सीर प्रमुख है।

दूसरे उत्सवों की तरह ही जयंतिया हिल्स के उत्सव का भी मनुष्य, उनकी संस्कृति और प्राकृतिक वातावरण के बीच संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका है।

साथ ही ये उत्सव लोगों के आपसी संबंधों को भी मजबूत बनाते हैं। जयंतिया के उत्सवों में बेहदीनखलम, लाहो नृत्य और कुछ धार्मिक कृत्य शामिल है। गारो के मुख्य उत्सवों में देन बिलसिया, वनगाला, रोंगचू गाला, मि अमुआ, मनगोना, ग्रेंगदिक बा, जामंग सिया, जा मेगापा, सा सात रा चाका, एजैर आहोय, डोरे राता नृत्य, चंबिल मेसारा, डोकरुसुआ, सारम चा, ए सीमानिया या ताता शामिल है।

नोंगक्रेम नृत्य उत्सव खासी पहाड़ी इलाकों की सांस्कृतिक समृृृद्धि बताता है। -एजेंसी