Sanskriti University में उद्यमिता जागरूकता शिविर संपन्‍न

मथुरा। Sanskriti University और एम.एस.एम.ई. आगरा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता जागरूकता शिविर के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि डी.आर.डी.ओ. के जी वैज्ञानिक डा. टी.सी. समी ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित किया। Sanskriti University में तीन दिवसीय उद्यमिता जागरूकता शिविर का समापन अवसर पर डा. टी.सी. समी ने कहा कि आज युवा पीढ़ी के सामने अवसरों की कमी नहीं हैकमी है तो सिर्फ दृढ़-इच्छाशक्ति की। जो युवा लक्ष्य तय करते हुए अवसरों का सही सदुपयोग करते हैं वही सफलता का परचम भी फहराते हैं। आज रोजगार के तमाम अवसर उपलब्ध हैंजरूरत सिर्फ इस बात की है कि युवा उन्हें पहचानें और अपनी इच्छाशक्ति से उन्हें हासिल करें। 

उद्यमिता जागरूकता शिविर को सम्बोधित करते हुए डा. समी ने कहा कि बच्चो न केवल सपने देखो बल्कि उन सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत भी करो। याद रहे सफलता का कोई शाॅॅर्टकट नहीं होता लिहाजा ईमानदारी से अपनी मंजिल की तरफ पहुंचो। डा. समी ने छात्र-छात्राओं को रडार की कार्यप्रणालीहवाई यातायात नियंत्रणएंटी मिसाइल सिस्टम्सवायु रक्षा प्रणालीसमुद्री शिल्प और विमान नेविगेशन सहित कौशल विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस अवसर पर इनोवइंटेलेक्ट्स की डायरेक्टर एवं फाउण्डर पूजा कुमार ने कहा कि बेरोजगारी आज देश की सबसे बड़ी समस्या है। इस समस्या को उद्यमिता के माध्यम से ही दूर किया जा सकता है। आज उद्यमिता को रोजगार के रूप में अपनाने की जरूरत है। पूजा कुमार ने कहा कि जीवन में विचारों का विशेष महत्व है। हर किसी के पास अपने विचार होते हैं लेकिन जो अपने विचारों का पेटेंट कराता हैउसी के विचार माने जाते हैं। पूजा कुमार ने छात्र-छात्राओं को बताया कि पेटेंटकापीराइट और ट्रेडमार्क ये तीनों ही बौद्धिक सम्पदा अधिकार के तहत आते हैं। इंटरप्रेन्योर की सीढ़ियां चढ़ते वक्त आपको अपने आइडियाज का पेटेंट अवश्य कराना चाहिए ताकि कोई आपके विचारों को चुरा नहीं सके।

पूजा कुमार ने उद्यमिता जागरूकता के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला। कुलपति डा. राणा सिंह ने छात्र-छात्राओं को सफल उद्यमी की विशेषताएंउत्पादचयन विधिउद्योग स्थापना के चरणबाजार प्रबंधन आदि पर जानकारी दी। साथ ही उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं से छात्रों को अवगत कराया। इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत निदेशक इंजीनियरिंग डा. कल्याण कुमारविभागाध्यक्ष फोरेंसिक साइंस डा. ओ.पी. जसूजाडा. निर्मल कुंडू ने किया। शिविर के समापन अवसर पर छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन प्रिया शर्मा ने किया।

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