पश्चिम बंगाल में 140 डॉक्‍टर्स ने इस्‍तीफा दिया, HC की ममता सरकार को फटकार

कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में दो जूनियर डॉक्‍टर्स की पिटाई के बाद देशभर में डॉक्‍टर्स की हड़ताल जारी है। घटना के व‍िरोध में पश्चिम बंगाल में 140 डॉक्‍टर्स ने इस्‍तीफा दे दिया है।
इसके अलावा देश के कई राज्‍यों में भी बड़ी संख्‍या में डॉक्‍टर हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्‍टर्स की हड़ताल से मुंबई, कोलकाता, नागपुर, पटना, हैदराबाद, वाराणसी समेत कई शहरों में चिकित्‍सा सेवाएं लगभग ठप पड़ी हैं। यही नहीं, घटना के विरोध में अब पश्चिम बंगाल के 140 डॉक्‍टर्स ने  इस्‍तीफा दे दिया है। इस्‍तीफा देने वाली डॉक्‍टर्स की संख्‍या लगातार बढ़ती जा रही है।
इस बीच कोलकाता हाई कोर्ट ने इस मामले में ममता सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि उन्होंने डॉक्टरों से बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास क्यों नहीं किया।
इसके अलावा उच्च न्यायालय ने ममता से पूछा कि आखिर उनकी सरकार ने अब तक डॉक्‍टर्स की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं। पश्चिम बंगाल सरकार को न्यायालय ने जवाब देने के लिए एक सप्ताह का वक्त दिया है। हड़ताली डॉक्‍टर अस्‍पतालों में अपने लिए सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। डॉक्‍टर्स ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की भावुक अपील को भी ठुकरा दिया है।
चिकित्‍सा सेवाएं ठप
डॉक्‍टर्स की हड़ताल के केंद्र पश्चिम बंगाल में आज चौथे दिन भी कई अस्‍पतालों में चिकित्‍सा सेवाएं ठप हैं। राज्‍य में कई डॉक्‍टर्स के सामूहिक इस्‍तीफा देना शुरू कर दिया है। अब तक 140 डॉक्‍टर्स के साम‍ूहिक इस्‍तीफे की पुष्टि हो गई है। सामूहिक इस्‍तीफा देने वाले 43 डॉक्‍टर्स में से 16 आरजी कार मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल कोलकाता के हैं जबकि 27 अन्‍य डॉक्‍टर नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल दार्जिलिंग के हैं। इस्‍तीफा देने वाले डॉक्‍टर्स ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में उनके लिए काम करना संभव नहीं है। हड़ताल कर रहे डॉक्‍टर्स ने गुरुवार दोपहर दो बजे तक काम पर लौटने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अल्टिमेटम को नहीं माना।
डॉक्‍टर्स का कहना है मुख्यमंत्री ने जो कहा उन्हें उसकी उम्मीद नहीं थी और सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा संबंधी मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों पर बरसते हुए विपक्षी बीजेपी और सीपीएम पर उन्हें भड़काने और मामले को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया। डॉक्‍टर्स की मांग है कि उन्‍हें उचित सुरक्षा मिले और सभी अस्पताल में सशस्त्र पुलिस बल तैनात हो। साथ ही एनआरएस अस्पताल में शनिवार को हुए हमले में शामिल अपराधियों को गैर जमानती धाराओं में गिरफ्तार किया जाए।
महाराष्ट्र में बंद हुईं ओपीडी और वॉर्ड सेवाएं
महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एमएआरडी) ने भी डॉक्‍टर्स की हड़ताल को समर्थन दिया है। एसोसिएशन की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘हम आज सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ओपीडी, वॉर्ड और अकैडमिक सेवाओं को बंद कर रहे हैं। इमर्जेंसी सेवाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।’ एमएआरडी सेंट्रल की अध्यक्ष डॉ. कल्याणी डोंगरे का कहना है कि राज्य में करीब 4,500 रेजिडेंट डॉक्‍टर्स का कामकाज ठप है। एमएआअरडी के अध्यक्ष प्रशांत चौधरी ने मीडिया को बताया, ‘पश्चिम बंगाल में भीड़ ने अस्पताल में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर पर हमला कर दिया। जब इस तरह से निशाना बनाकर हमला किया जाता है तो यह कानून-व्यवस्था की समस्या बन जाती है। आज हम इस हमले के विरोध में मूक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।’
बीएचयू के डॉक्टर भी हड़ताल में शामिल
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज बीएचयू के डॉक्टर भी ओपीडी में मरीजों को नहीं देख रहे हैं। इसकी वजह से पूर्वांचल के कई जिलों से आए मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
छत्तीसगढ़ में वी वॉन्ट जस्टिस के नारे
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी डॉक्टर्स का विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। यहां के डॉक्टर भीमराव आंबेडकर मेमोरियल हॉस्पिटल में डॉक्टर्स ने नारेबाजी की। इस दौरान वी वॉन्ट जस्टिस के नारे भी लगाए गए।
राजस्थान में प्रतीकात्मक विरोध
पश्चिम बंगाल के डॉक्टर्स की हड़ताल के समर्थन में राजस्थान के डॉक्टर आगे आए हैं। हालांकि उन्होंने काम का बॉयकॉट नहीं किया है। राज्य की राजधानी जयपुर के जयपुरिया अस्पताल में प्रतीकात्मक विरोध करते हुए डॉक्टर काली पट्टी बांधकर मरीजों को देख रहे हैं।
हैदराबाद में सड़कों पर उतरे डॉक्टर
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में स्थित निजाम इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIMS) के डॉक्टर्स ने कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टर्स से हिंसा के खिलाफ सड़क पर विरोध मार्च निकाला।
कर्नाटक और केरल में भी डॉक्टरों का विरोध
उधर, कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी डॉक्टर्स ने विरोध मार्च निकालकर कोलकाता में जूनियर डॉक्टर्स के साथ मारपीट की निंदा की। केरल में भी इंडियन मेडिकल असोसिएशन के सदस्‍यों ने त्रिवेंद्रम में प्रदर्शन किया है। जयपुर में भी जयपुरिया हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने विरोध स्‍वरूप हाथों में काली पट्टी बांधकर मरीजों की जांच की। छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में डॉक्‍टर भीमराव आंबेडकर अस्‍पताल के डॉक्टर्स ने प्रदर्शन कर पीड़‍ित जूनियर डॉक्टर्स को न्‍याय देने की मांग की।
-एजेंसियां

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