CMS अलीगंज द्वारा एनुअल मदर्स डे एण्ड ग्रैण्ड पैरेन्ट्स डे का आयोजन

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, अलीगंज (द्वितीय कैम्पस) के तत्वावधान में कल 18 दिसंबर को एनुअल मदर्स डे एण्ड ग्रैण्ड पैरेन्ट्स डे’ समारोह का भव्य आयोजन बड़े ही उल्लासपूर्ण व उमंग से सराबोर माहौल में सी.एम.एस. गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) आॅडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर सी.एम.एस. छात्रों ने रंगारंग शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों द्वारा मानव जाति के अधिकारों की रक्षा का सन्देश प्रसारित किया एवं मानवाधिकारों के प्रति जन-मानस को जागरूक किया। इससे पहले, सी.एम.एस. संस्थापक डा. जगदीश गाँधी एवं सी.एम.एस. के विभिन्न कैम्पस की प्रधानाचार्याओं ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत् उद्घाटन किया।

शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों द्वारा मानवाधिकारों के प्रति जागरूक किया CMS के छात्रों ने

समारोह का शुभारम्भ सर्व-धर्म व विश्व शान्ति प्रार्थना से हुआ। इस अवसर पर CMS छात्रों ने मानवाधिकारों पर आयोजित विशेष शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों द्वारा मानव अधिकार व मौलिक अधिकारों पर एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुतियाँ दी एवं मानव जाति के अधिकारों की रक्षा का सन्देश प्रसारित किया। सी.एम.एस. छात्रों के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रभावशाली एवं आकर्षक प्रस्तुतीकरण ने सारे विश्व में नव प्रकाश फैलाने का सन्देश दिया और सहयोग, सहकार एवं सामूहिकता का अभूतपूर्व एवं विराट दृश्य प्रस्तुत करके सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। जहाँ एक छात्रों ने ‘वल्र्ड पार्लियामेन्ट’ की सशक्त प्रस्तुति द्वारा विश्वव्यापी समस्याओं के समाधान सुझाए तो वहीं दूसरी ओर वल्र्ड पीस प्रेयर में बच्चों ने विभिन्न देशों के राष्ट्रीय ध्वज हाथों में लेकर ‘सारे विश्व में शान्ति हो’ का जयघोष बड़े ही प्रभावशाली ढंग से किया।
इस अवसर पर सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि एकता के वृक्ष पर शान्ति का फल लगता है। सच्ची शान्ति के लिए सबसे पहले एकता चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि विश्व की सम्पूर्ण फौज की तुलना में एक चीज जो सबसे शक्तिशाली है वह अन्तर्राष्ट्रीय कानून का एक विचार है जिसका समय आ गया है। मानव जाति के अधिकारों की रक्षा युद्धों से नही वरन् प्रभावशाली अन्तर्राष्ट्रीय कानून के एक विचार से की जा सकती है। सी.एम.एस. अलीगंज (द्वितीय कैम्पस) की प्रधानाचार्या श्रीमती शिवानी सिंह ने सभी के प्रति आभार प्रकट करते हुए ‘मानवाधिकारों’ पर जन-जागृति फैलाने की अपील की। श्रीमती शिवानी सिंह ने कहा कि इस धरती पर प्रत्येक मनुष्य को सुरक्षापूर्वक जीनेे का अधिकार है परन्तु विश्वव्यापी आतंकवाद एवं शस्त्रों की बढ़ती होड़ से मानव जाति के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम की श्रेष्ठ भावना को आत्मसात करके मानवाधिकारों की रक्षा स्थायी रूप से की जा सकती है।

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