अयोध्‍या में सीएम योगी ने संतों से कहा: धैर्य रखें, राम मंदिर बनकर रहेगा

अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अयोध्या पहुंचे। यहां आयोजित कार्यक्रम में संतों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि संतों को राम मंदिर मुद्दे पर कुछ समय और धैर्य रखने की जरूरत है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण अवश्य होगा। राजधानी लखनऊ से हेलीकॉप्टर के जरिए दोपहर करीब 3 बजे फैजाबाद पहुंचे सीएम योगी ने अशर्फी भवन में महंत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात की।
इस दौरान अयोध्या के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। अशर्फी भवन और कार्यक्रम स्थल के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस दौरान सीएम योगी अयोध्या के लिए बनी कई नयी योजनाओं को संतों के समक्ष रखेंगे। मुख्यमंत्री आज यहां शाम को होने वाली सरयू आरती में भी हिस्सा लेंगे।
आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर किया हमला
लखनऊ। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन्होंने देश को आपातकाल दिया, वह आज लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री सोमवार को लखनऊ के गन्ना संस्थान में आयोजित संस्कार भारती द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का नाम लिए बगैर उन्होंने दोनों पार्टियों को कठघरे में खड़ा किया। मुख्यमंत्री ने कहा आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। आज ही के दिन 1975 में देश पर आपातकाल थोपा गया था और आपातकाल थोपने वाले आज लोकतंत्र की बात कर रहे हैं। भ्रष्टाचारी, सदाचार की बात कर रहे, साम्प्रदायिक, मानवता की बात कर रहे और जातिवादी सामाजिक न्याय की बात कर रहे हैं। उन्होंने सभागार में उपस्थित लोगों से ऐसे विरोधाभासी लोगों और स्थितियों को जवाब देने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
इस दौरान कार्यक्रम में सीएम ने पद्मश्री बाबा योगेन्द्र और ब्रह्म देव भाई जी का सम्मान भी किया। सम्मानित करते हुए सीएम ने कहा कि जब पात्रता के अनुसार कोई सम्मान दिया जाता है तो सम्मान भी सम्मानित होता है। दोनों पद्मश्री इसी श्रेणी के हैं।
कुंभ मेले को 192 देशों से आने वाले सैलानियों के लिए यादगार बनाने के लिए सीएम ने संस्कृत भारती से आगे आकर सहयोग करने को कहा। उन्होंने कहा 2019 का प्रयागराज का कुंभ सबसे बड़ा आयोजन तो बने ही साथ ही कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शित करने का अवसर भी दे। शिक्षा को कला से अलग नहीं किया जा सकता, ये एक दूसरे के पूरक हैं।
इलाहाबाद कुंभ में करोड़ों की संख्या में लोग आएंगे। कुंभ को कला और संस्कृति का केंद्र बनाएं, क्योंकि राष्ट्र बिना संस्कृति और संस्कृति बिना संस्कार के नहीं हो सकती।
-एजेंसी

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