महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों पर सीएम योगी नाराज, सख्‍त निर्देश दिए

लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों पर नाराजगी जताई और अफसरों को कानून व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने के साथ ही फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिया कि जहां तैनाती है वहीं निवास करें। जिले में नियुक्त अधिकारी जिले में, तहसील में नियुक्त अधिकारी तहसील में और ब्लॉक पर नियुक्त अधिकारी ब्लॉक पर ही निवास करें। मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि अपराध और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करने के लिए कार्य करें। जनता से संवाद करें।
मुख्यमंत्री बुधवार को लखनऊ के लोकभवन में जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों व पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने अलीगढ़ की घटना पर नाराजगी जताई और अफसरों से अपराध न रुक पाने का कारण पूछा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एंटी रोमियो स्क्वायड को और प्रभावी बनाया जाए। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारियों को सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए। योगी ने कहा कि योजनाओं का लाभ समाज के सबसे गरीब लोगों को मिले। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। अगर किसी कारण उसे योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है तो उसे इलाज के लिए दो हजार रुपये व मृत्यु पर उसके परिवार को पांच हजार रुपये पंचायत निधि से दिए जाएं।
उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वह हर रोज निरीक्षण करने के लिए विद्यालयों, अस्पतालों व अलग-अलग ब्लॉक में जाएं और लोगों की शिकायतें सुनें। कहा कि पुलिसकर्मी छोटे दिखने वाले अपराधों के प्रति भी संवेदनशील होकर काम करें। इस मौके पर उन्होंने लोकसभा चुनाव शांतिपूर्वक कराने के लिए अफसरों को बधाई दी। उन्होंने बंगाल का उदाहरण देकर कहा कि वहां चुनाव में काफी हिंसा हुई लेकिन यूपी में ऐसा कोई वाक्या नजर नहीं आया।
इसके पहले मीटिंग में जाते समय अफसरों के फोन जमा करवा लिए गए हैं। आपको बता दें कि पिछले दिनों फरमान जारी किया गया था कि मंत्रीगण व अफसर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली बैठकों में फोन नही ले जा सकेंगे। उन्हें बैठक कक्ष के बाहर ही अपना फोन छोड़ना होगा।
इसे लेकर मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने आदेश भी जारी किया था जिमसें कहा गया था कि लोकभवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में किसी का भी मोबाइल फोन लाना प्रतिबंधित है। यह पत्र उप मुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार के सभी राज्यमंत्रियों व राज्यमंत्रियों के निजी सचिवों को दिया गया था।
इस आदेश का असर तब दिखा जब बुधवार को कानून व्यवस्था को लेकर हुई बैठक में अफसरों के फोन बाहर रखवा लिए गए। उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए मोबाइल जमा करने पर टोकन दिया गया जिसे वापस करने पर मोबाइल फिर से लिया जा सकेगा।
-एजेंसियां

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