CAA का सच बताने के लिए मुस्लिमों से मिले सीएम योगी और रक्षा मंत्री राजनाथ

CAA का सच बताने के लिए मुस्लिमों से मिलते सीएम योगी
CAA का सच बताने के लिए मुस्लिमों से मिलते सीएम योगी

लखनऊ। CAA (नागरिकता कानून) को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों के बाद भी तकरार खत्म होने के नाम नहीं ले रही है, जिसे देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सभी दिग्गज नेता CAA के अहम तथ्यों से लोगों को रूबरू करा रहे हैं ताकि उन्हें इसकी समुचित जानकारी दी जा सके।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को लोगों के बीच पहुंचे और उन्हें CAA से जुड़ी जानकारियां दीं।
पुराना गोरखपुर के रहने वाले चौधरी कैफुलवरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात की और उन्हें नागरिकता संशोधन कानून से संबंधित जानकारी दी। इसके साथ ही सीएम योगी ने मुस्लिम समाज में फैली भ्रांतियों के मद्देनजर सच्चाई से भी अवगत कराया।
क्षमादान देने का किया आग्रह
गोरखनाथ मंदिर के ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ के जमाने से मंदिर से पारिवारिक संबंध रखने वाले चौधरी परिवार ने योगी आदित्यनाथ से गोरखपुर में नागरिकता कानून के विरोध के दौरान हुए उपद्रव के आरोपियों को क्षमादान देने की गुजारिश भी की। चौधरी हाउस के मुखिया कैफुलवरा ने बताया कि ब्रह्मलीन गुरु दिग्विजय नाथ और उनके दादा चौधरी सआदत हुसैन के बहुत अच्छे संबंध थे।
राजनाथ सिंह ने भी की मुलाकात
उधर केंद्रीय रक्षामंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह नागरिकता संशोधन कानून संपर्क महाअभियान के तहत लखनऊ में जस्टिस खेमकरन के आवास पहुंचे। यहां पर राजनाथ सिंह ने लोगों से मुलाकात की और उन्हें नागरिकता कानून से संबंधित अहम जानकारियां दीं।
राजनाथ सिंह के साथ योगी सरकार में मंत्री स्वाति सिंह, लखनऊ नगर निगम की मेयर संयुक्ता भाटिया भी मौजूद रहीं।
नागरिकता कानून पर यूपी ने उठाया पहला कदम
नागरिकता कानून को सूबे में लागू करने को लेकर यूपी की योगी सरकार ने अपना कदम आगे बढ़ा दिया है।
सूत्रों के मुताबिक यूपी देश का पहला राज्य भी है, जहां इसकी प्रक्रिया सबसे पहले शुरू की गई है।
यूपी सरकार ने अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए सभी अल्पसंख्यकों (हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, बुद्ध और पारसी) की पहचान के निर्देश दिए हैं। इससे इनकी नागरिकता सुनिश्चित हो सकेगी। साथ ही अवैध तरीके से यूपी में रह रहे लोगों का डेटा भी तैयार हो जाएगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने कहा, ‘सभी डीएम को यह निर्देश दिया गया है कि वे इन तीनों देशों से यहां आकर दशकों से रह रहे लोगों की शिनाख्त करें। हालांकि अफगानिस्तान से यूपी में आए लोगों की संख्या बेहद कम है, लेकिन बांग्लादेश और पाकिस्तान में प्रताड़ित होने के बाद बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक दशकों से यूपी में रह रहे हैं।’
…ताकि पात्र लोगों को दे सकें नागरिकता
नागरिकता कानून को लागू करने की दिशा में किसी भी प्रदेश का यह पहला कदम बताया जा रहा है। इसका उद्देश्य यही है कि जो भी अल्पसंख्यक इन देशों से आए हैं और जो पात्र हैं, उनकी नागरिकता सुनिश्चित की जाए। बांग्लादेश और पाकिस्तान के ज्यादातर लोग लखनऊ, हापुड़, रामपुर, शाहजहांपुर, नोएडा और गाजियाबाद में पाए गए हैं।
‘पहली बार तैयार हो रही ऐसी सूची’
अवस्थी कहते हैं, ‘यह पहली बार है कि इस तरह की सूची तैयार की जा रही है। नए कानून के मुताबिक ही नागरिकता प्रदान की जाएगी।’ बताया जा रहा है कि इन देशों से आए मुस्लिम आबादी की सूचना राज्य सरकार की तरफ से गृह मंत्रालय को दी जाएगी। उसके बाद उन्हें उनके देश भेजने की तैयारी शुरू होगी। हालांकि इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई बयान सामने नहीं आया है।
-एजेंसियां

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