SC-ST Act पर मप्र सीएम शिवराज ने कहा, ‘बिना जांच के गिरफ्तारी नहीं होगी’

SC-ST Act पर आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा फैसला लिया

भोपाल। सीएम शिवराज ने अपने ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट कर कहा कि ‘एमपी में नहीं होगा SC-ST Act का दुरुपयोग, बिना जांच के नहीं होगी गिरफ़्तारी।’ सीएम शिवराज ने ट्वीट कर कहा कि मध्य प्रदेश में एससी/एसटी एक्ट में बिना जांच के गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि एमपी में एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग नहीं होगा।

मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निवारण बिल (एससी/एसटी एक्ट) के खिलाफ लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शन और आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक बड़ा फैसला लिया है। सीएम शिवराज ने अपने ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट कर कहा कि ‘एमपी में नहीं होगा SC-ST Act का दुरुपयोग, बिना जांच के नहीं होगी गिरफ़्तारी।’ सीएम शिवराज ने ट्वीट कर कहा कि मध्य प्रदेश में एससी/एसटी एक्ट में बिना जांच के गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि एमपी में एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग नहीं होगा।

गौरतलब है कि SC-ST Act के खिलाफ सबसे मुखर आवाज मध्‍य प्रदेश में उठ रही है। बीते रविवार को उज्जैन में करणी सेना के बैनर तले हजारों लोग सड़कों पर उतर आए थे और इस एक्ट के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर उग्र प्रदर्शन करते हुए शिवराज सिंह चौहान सरकार के पोस्टर आदि फाड़ दिए। प्रदर्शन उग्र होता देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। उज्जैन में करणी सेना और सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग द्वारा आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ आंदोलन किया गया था। प्रदेशभर से दोनों वर्गों के हजारों लोग उज्जैन के नानाखेड़ा स्टेडियम में एकत्र हुए थे।

इस साल मार्च में महाराष्‍ट्र के एक सरकारी अधिकारी की याचिका पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति-जनजाति(एससी-एसटी) के खिलाफ अत्‍याचार निवारण कानून के सख्‍त प्रावधानों को नरम किया था। कोर्ट ने कहा कि इस श्रेणी के आरोपी की गिरफ्तारी शुरुआती जांच या वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक की अनुमति के बाद ही होगी। पहले इसमें तत्‍काल गिरफ्तारी का प्रावधान था. इस फैसले के बाद देश में एससी-एसटी संगठनों ने आंदोलन किया।

इसके बाद केंद्र सरकार ने मानसून सत्र में अध्‍यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल दिया। अब वह पुराने स्‍वरूप में फिर से लागू हो गया है। इस पर दलित संगठनों ने तो संतोष व्‍यक्‍त किया लेकिन सवर्ण समाज के कई तबकों में SC-ST Act का विरोध शुरू हो गया है।
-एजेंसी

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