अरुणाचल के सीएम Pema Khandu ने कहा, पीआरसी मुद्दे को कभी नहीं उठाऐंगे

इटानगर। PRC issue पर अरुणाचल प्रदेश में विरोध प्रदर्शन के बाद अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Pema Khandu ने PRC issue (स्थायी आवासीय प्रमाणपत्र मुद्दे) को लेकर हुई हिंसा के मसले पर कहा है, ‘मैं अरुणाचल प्रदेश के लोगों को आश्वस्त करना चाहूंगा कि सरकार इस मुद्दे को भविष्य में भी नहीं उठाएगी, यह स्पष्ट संदेश है।’

Pema Khandu ने स्थायी आवासीय प्रमाणपत्र के मामले में कहा, ’22 फरवरी की रात को मैंने मीडिया तथा सोशल मीडिया के ज़रिये स्पष्ट किया था कि सरकार इस मुद्दे पर आगे चर्चा नहीं करेगी, आज भी मुख्य सचिव की मार्फत एक आदेश जारी किया गया है कि हम पीआरसी मामले पर आगे कार्यवाही नहीं करेंगे।’

बता दें कि गैर-अरुणाचल प्रदेश वासियों को स्थायी आवासीय प्रमाण पत्र देने की सिफारिश के विरोध को लेकर स्टूडेंट और सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइजेशन द्वारा बुलाई गई हड़ताल के दौरान हिंसा भड़क गई है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाने में आग लगा दी है। इस दौरान डिप्टी सीएम चौना मेन के निजी घर में भी तोड़फोड़ की गई है। हालात को देखते हुए चौना मेन को इटानगर से नामासाई जिले में शिफ्ट किया गया है। जानकारी के अनुसार, यहां कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए आईटीबीपी की छह टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं।

इससे पहले प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस फायरिंग में एक की मौत हो गई और अन्य कई घायल हो गए थे। सरकार द्वारा नियुक्त संयुक्त उच्चाधिकार समिति ने यह सिफारिश की है। इटानगर में शुक्रवार रात सिविल सचिवालय में घुसने का प्रयास कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने गोली चलाई। राज्य के कई संगठनों ने गुरुवार से शुक्रवार तक 48 घंटों के बंद का आह्वान किया था। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य के लोगों से कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पुलिस फायरिंग में मारे गए व्यक्ति के लिए शोक व्यक्त किया है और राज्य में शांति व्यवस्था लौटने की उम्मीद जताई है।

पुलिस ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार शाम प्रदर्शनकारियों ने 50 वाहनों में आग लगा दी और 100 से ज्यादा को क्षतिग्रस्त कर दिया। पथराव में 24 पुलिसकर्मियों सहित 35 लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट यूनियन और आल न्यइशी स्टूडेंट यूनियन के कार्यालयों को आग लगा दी। दोनों छात्र संगठनों ने समिति की सिफारिशों का समर्थन किया है।

Pema Khandu सरकार ने एक मई 2018 को समिति गठित की थी। समिति ने भागीदारों के साथ विचार विमर्श के बाद छह समुदायों को स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करने की सिफारिश की है। ये समुदाय अरुणाचल प्रदेश के निवासी नहीं हैं, लेकिन दशकों से नामसाइ और छांगलांग जिलों में रह रहे हैं। विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि सिफारिश मानी गई तो स्थानीय स्थायी निवासियों के अधिकारों पर विपरीत असर पड़ेगा।

गृहमंत्री से मिलेगा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल
उधर, पीआरसी के मुद्दे पर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल दोपहर बाद गृहमंत्री से मुलाकात करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »