CM कार्यालय ने बताया, सत्यार्थ अनिरुद्ध कोरोना पॉजिटिव मिले हैं इसलिए हटाए

लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती घोटाले के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रयागराज के SSP सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज को प्रतीक्षा सूची में डाले जाने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्‍थिति स्‍पष्‍ट कर दी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार प्रयागराज के पूर्व SSP सत्यार्थ कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इससे पूर्व उनका गनर संक्रमित मिला था, जिसके बाद उनका सैंपल लिया गया था। कोरोना के नोडल अधिकारी डा. ऋषि सहाय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि SSP सत्यार्थ को स्‍वरूपरानी नेहरू अस्पताल में आइसोलेट किया गया है। सोमवार देर रात शासन ने 14 आईपीएस अफसरों का तबादला किया था, इसमें सत्यार्थ का भी नाम था।
नूतन ठाकुर ने तबादला निरस्त करने की मांग की
एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर ने SSP अफसर सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज को तत्काल दोबारा एसएसपी प्रयागराज बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पंकज द्वारा 69000 शिक्षक भर्ती में अच्छा काम करने के बाद भी जांच एसटीएफ को देना, फिर उन्हें अचानक बिना कारण हटा प्रतीक्षारत करना बताता है कि यूपी सरकार इस मामले में बेईमानी व लीपापोती कर रही है। आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने भी ट्वीट कर कहा कि पिछले दिनों जब वे प्रयागराज गए थे तो कई लोगों ने 69000 शिक्षक भर्ती में उनके कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की थी। उनके प्रतीक्षारत होने से कई लोग दुखी एवं चिंतित दिख रहे हैं।
SSP को हटाने पर सियासत शुरू
SSP सत्यार्थ को हटाने पर सियासत भी शुरू हो गई है। प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में कार्रवाई करने के कारण आईपीएस अफसर सत्यार्थ को शासन ने सजा दी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर लिखा कि, प्रयागराज के एसएपी सत्यार्थ अनिरुद्ध का ट्वीट देख कर आश्चर्य हुआ। जिस समय उन्होंने इतने बड़े घोटाले का खुलासा किया है, उनके जाने से जांच का नुकसान न हो। वजह जो भी है, ऐसे अफसरों को पब्लिक का पूरा समर्थन मिलना चाहिए जो ईमानदारी से, निर्भय होकर अपना कर्तव्य निभाते हैं।
-एजेंसियां

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