सीएम Kamalnath ने विधायकों पर नज़र रखने को मंत्रियों को लगाया

नई दिल्‍ली। लोकसभा चुनाव में हार और राज्‍य सरकार में असंतोष की खबरों के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Kamalnath ने राज्य के मंत्रियों को विधायकों की निगरानी की नई जिम्मेदारी दी है। इस जिम्मेदारी के तहत मंत्री पांच-पांच विधायकों पर नजर रखेंगे और उनसे लगातार संवाद भी करेंगे। इसी संबंध में आज रविवार को Kamalnath ने विधायकों की बैठक बुलाई है।

Kamalnath ने निर्दलीय विधायकों से खुद चर्चा करने का फैसला लिया है। दूसरी ओर, कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्य के हालातों पर दो बार मंथन किया। राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार और निगम मंडलों में नियुक्तियों पर भी सरकार जल्द फैसला लेगी।

दरअसल, मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार के गिरने-गिराने की अटकलों के बीच एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कांग्रेस में अंतर्कलह की ओर इशारा किया। वहीं, दूसरी ओर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने विधायकों के बगावती तेवर की आशंका पर यह कदम उठाने का फैसला लिया है।

समय-समय पर सामने आती रही है निर्दलीय विधायकों की नाराजगी
चर्चा है कि मंत्रिमंडल के गठन के बाद से ही सरकार में जगह न पाने वाले पार्टी के वरिष्ठ विधायक और बाहर से सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों की नाराजगी समय-समय पर सामने आती रही है।

मंत्रिमंडल में वरिष्ठ विधायकों में छह बार के विधायक केपी सिंह, बिसाहूलाल सिंह, एंदल सिंह कंसाना और राज्यवर्द्धन सिंह दत्तीगांव को जगह नहीं मिल पाई थी। वहीं, निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह ठाकुर और केदार सिंह डाबर भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद जता रहे हैं। इधर, बसपा विधायक संजीव सिंह कुशवाहा और सपा के राजेश शुक्ला को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा है।

मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा, यह अभी तय नहीं है।

फिलहाल Kamalnath कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत अन्य 28 मंत्री हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल में छह विधायक और शामिल किए जा सकते हैं। लिस्ट लंबी है और कमलनाथ के लिए चुनौतियां कम नहीं हुई है।

-एजेंसी

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