कोटा में 100 बच्‍चों की मौत पर सीएम गहलोत बोले, मृत्यु दर कम हो रही है

जयपुर। राजस्थान के कोटा में अस्पताल में बच्चों की मौत पर चौतरफा घिरने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सफाई दी है। इस मामले में कांग्रेस सरकार चौतरफा घिरी हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सफाई देते हुए कहा है कि जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत पर उनकी सरकार संवेदनशील है और इस मसले पर सियासत नहीं होनी चाहिए। इससे पहले बीजेपी के अलावा बीएसपी चीफ मायावती ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस को निशाने पर लिया था। बता दें कि दिसंबर महीने में अस्पताल में 100 बच्चों की मौत हो चुकी है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस मुद्दे को लेकर राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे से चर्चा की है।
शिशु मृत्यु दर कम हो रही है: गहलोत
सीएम अशोक गहलोत ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘जेके लोन अस्पताल, कोटा में हुई बीमार शिशुओं की मृत्यु पर सरकार संवेदनशील है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। कोटा के इस अस्पताल में शिशुओं की मृत्यु दर लगातार कम हो रही है। हम आगे इसे और भी कम करने के लिए प्रयास करेंगे।’
‘बच्चों के ICU की स्थापना हमने की थी’
गहलोत ने एक और ट्वीट में कहा, ‘मां और बच्चे स्वस्थ रहें यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राजस्थान में सर्वप्रथम बच्चों के ICU की स्थापना हमारी सरकार ने 2003 में की थी। कोटा में भी बच्चों के ICU की स्थापना हमने 2011 में की थी। स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार के लिए भारत सरकार के विशेषज्ञ दल का भी स्वागत है। हम उनसे विचार-विमर्श और सहयोग से प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं में सुधार के लिये तैयार हैं। निरोगी राजस्थान हमारी प्राथमिकता है। मीडिया किसी भी दबाव में आए बिना तथ्य प्रस्तुत करे, स्वागत है।’
सोनिया हुईं सक्रिय, गहलोत ने भेजी रिपोर्ट
विपक्ष के बढ़ते हमलों के बीच कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी सक्रिय हो गई हैं। राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे ने दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की। इस बैठक के बारे में अविनाश ने बताया, ‘यह पहले से निर्धारित मीटिंग थी, जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा की गई। वह कोटा में नवजात बच्चों की मौत पर काफी गंभीर हैं। राजस्थान के सीएम ने उन्हें इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी है।’
गहलोत को हर्षवर्धन का खत
इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को नवजातों की मौत पर चिट्ठी लिखी है। न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में हर्षवर्धन ने कहा, ‘मैंने गहलोत को खत लिखकर इस मामले को देखने को कहा है। हम लोग अपनी तरफ से हरसंभव मदद देने को तैयार हैं। पिछले साल के मुकाबले निश्चित तौर पर अधिक मौतें हुई हैं।’
जेके लोन अस्पताल की सफाई
जेके लोन अस्पताल प्रशासन ने बताया कि दिसंबर 2018 में इसी अस्पताल में 77 बच्चों की मौत हो गई थी। अस्पताल के सुपिरिंटेंडेंट डॉ. सुरेश दुलारा ने बताया कि 30 दिसंबर को 4 बच्चों और 31 दिसंबर को 5 बच्चों की मौत हो गई। उन्होंने इसके पीछे वजह बताते हुए कहा कि सभी की मौत जन्म से कम वजन के चलते हुई है।
स्वास्थ्य मंत्री बोले, गंभीर हालत में लाए गए थे बच्चे
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कोटा में नवजातों की मौत पर कहा, ‘हमें इन मौतों का दुख है। हमारी जिम्मेदारी बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की होती है। कई बच्चे काफी गंभीर अवस्था में लाए गए थे। अगर बीजेपी चाहती है इसका पता लगा सकती है। जो भी बच्चा बचाए जाने की स्थिति में था, उसे बचाया गया।’
विपक्ष के निशाने पर गहलोत सरकार
बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने अपने ट्विटर हैंडल से लिखा, ‘एक महीने में 100 नवजात शिशुओं की मौत हो जाती है, और राजस्थान के मुख्यमंत्री से कोई सवाल नहीं पूछे जाते। कोटा इतनी भी दूर नहीं की सोनिया और राहुल गांधी वहां जा ना सकें और यह घटना इतनी भी मामूली नहीं कि मीडिया कांग्रेस सरकार की इस लापरवाही पर आंख मूंद ले।’
बीएसपी की प्रमुख मायावती ने गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ‘कांग्रेस शासित राजस्थान के कोटा जिले में हाल ही में लगभग 100 मासूम बच्चों की मौत से मांओं का गोद उजड़ना अति-दुखद और दर्दनाक है। वहां के सीएम अशोक गहलोत खुद और उनकी सरकार इसके प्रति अभी भी उदासीन, असंवेदनशील व गैर-जिम्मेदार बने हुए हैं, जो अति-निंदनीय है।’
-एजेंसियां

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