चीन के सोशल मीडिया पर दावा, गलवान घाटी में भारतीय सेना पीछे नहीं हटी है

नई दिल्‍ली। चीन के सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि गलवान घाटी में चीन की सेना तो पीछे हट गई है लेकिन भारतीय सेना उसके करीब मौजूद है।
उल्‍लेखनीय है कि लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच जारी तनाव के बाद यह फैसला किया गया था कि दोनों पक्ष सीमा से दूर जाएंगे।
करीब दो महीने तक पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चले गतिरोध के शांत होने के बाद अब चीन में दावा किया जा रहा है कि भारत अपना वादा नहीं निभा रहा।
दरअसल चीन के सोशल मीडिया पर ऐसा दावा किया जा रहा है कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) तो गलवान वैली में झड़प वाली जगह से काफी पीछे चली गई है लेकिन भारतीय सेना अभी भी उसके काफी नजदीक है।
दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटने पर सहमति
15 जून को गलवान घाटी में पट्रोल पॉइंट 14 पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हो गई थी जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। चीन ने अपने खेमे में हताहतों की संख्या पर आधिकारिक चुप्पी साधे रखी लेकिन भारत पर हिंसा का आरोप मढ़ता रहा। कई दौर चली बातचीत के बाद आखिरकार 5 जुलाई को दोनों देशों के बीच हुई वार्ता में यह फैसला किया गया कि पहले कायम की जा चुकी सहमति के तहत दोनों सेनाएं पीछे हटेंगी। इसके बाद दोनों सेनाएं 1.5-1.5 किमी पीछे जाने की कार्यवाही शुरू कर दी गई।
चीनी सोशल मीडिया पर दावा
हालांकि, हाल ही में चीन के सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि PLA तो पीछे हट गई है लेकिन भारतीय सेना अभी भी PP14 के पास तैनात है। ओपन इंटेलिजेंस सोर्स detresfa ने सैटलाइट तस्वीरों के हवाले से यह दावा किया गया है। इनके मुताबिक चीनी सेना गलवान घाटी में झड़प वाली जगह से सिर्फ 500 मीटर दूर है जबकि चीन 800-1200 मीटर की दूरी पर है। ये तस्वीरें 9 जुलाई को लिए जाने का दावा किया गया है।
पहले 1.5-1.5 किमी पीछे जाएंगी सेनाएं
बता दें कि 30 जून को कमांडर लेवल की बातचीत में प्रमुख समझौता हुआ था कि भारतीय और चीनी सैनिक एक-दूसरे के करीब आंखों में आखें डाले खड़े नहीं होंगे। उनके बीच कम-से-कम 3.5 किमी की दूरी रहेगी।’ भारत-चीन की सेनाओं ने हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा से अपने-अपने सैनिक हटाने शुरू कर दिए थे। दोनों जगहों से सैनिकों के हटने की प्रक्रिया कुछ दिनों में पूरी हो जाएगी। वहीं, गलवान में भी पहले 1.5-1.5 किमी और फिर बाकी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
-एजेंसियां

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