Ayodhya पर फैसले से पहले UP के DGP और मुख्य सचिव को CJI ने दिल्‍ली बुलाया

नई दिल्‍ली। Ayodhya के रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में ऐतिहासिक फैसला देने से पहले CJI (चीफ जस्टिस) रंजन गोगोई ने UP के DGP और मुख्य सचिव से राज्य के हालात पर अपडेट लिया है।
गोगोई ने सूबे के DGP ओपी सिंह और मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी को मुलाकात के लिए आज दिल्ली बुलाया था। इस समय कोर्ट में CJI यूपी के दोनों टॉप अफसरों से सुरक्षा और कानून एवं व्यवस्था की जानकारी ले रहे हैं।
इससे पहले गुरुवार को देर रात सीएम योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के डिवीजनल कमिश्नरों, डीएम और अन्य उच्चाधिकारियों से बात कर सुरक्षा का जायजा लिया था।
सीएम योगी ने Ayodhya पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर किसी भी स्थिति के लिए लखनऊ और अयोध्या में दो हेलिकॉप्टरों को तैनात रहने का आदेश दिया है।
Ayodhya में चाकचौबंद हुई सुरक्षा, संदिग्धों पर नजर
इस बीच Ayodhya में सुरक्षा चाकचौबंद कर दी गई है। शहर के हर मुख्य चौराहे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाई है और किसी भी अज्ञात वाहन और संदिग्ध लोगों पर पैनी नजर रखी जा रही है। इससे पहले प्रशासन ने 500 लोगों को अरेस्ट किया है, जबकि 12000 लोगों पर नजर रखी जा रही है।
17 नवंबर से पहले कभी भी आ सकता है फैसला
गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। शीर्ष अदालत ने 16 अक्टूबर को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। उनके रिटायरमेंट से पहले राम मंदिर पर फैसला कभी आ सकता है।
ऐसे में यूपी सरकार ने Ayodhya समेत प्रदेश भर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फैसले से पहले देश के सभी राज्यों को अलर्ट पर रहने को कहा है। केंद्र ने अर्धसैनिक बलों के 4,000 जवान भी उत्तर प्रदेश के लिए रवाना कर दिए हैं। वहीं Ayodhya में प्रशासन ने 10 दिसंबर तक धारा-144 लागू कर दी है। पड़ोसी जिले अंबेडकर नगर में 8 अस्थाई जेल बनाई गई हैं। ये सभी जेल, कॉलेजों में बनाई गई हैं। इधर, विहिप ने राम मंदिर के लिए पत्थर तराशने का काम रोक दिया।
Ayodhya पर फैसले को देखते हुए रेलवे पुलिस ने भी एडवाइजरी जारी की है। सभी जोन कार्यालयों को भेजे गए 7 पन्नों के दस्तावेज में प्लेटफॉर्म, स्टेशन और यार्ड पर खास निगरानी रखने को कहा गया है। साथ ही हिंसा की दृष्टि से संवेदनशील और ऐसे स्थानों की पहचान करने को कहा है, जहां असामाजिक तत्व विस्फोटक छुपा सकते हैं।
Ayodhya जिले को चार जोन- रेड, येलो, ग्रीन और ब्लू में बांटा गया है। इनमें 48 सेक्टर बनाए गए हैं। विवादित परिसर, रेड जोन में स्थित है।
पुलिस के मुताबिक सुरक्षा योजना इस तरह बनाई जा रही है कि एक आदेश पर पूरी Ayodhya को सील किया जा सके। प्रशासन ने फैसले का समय नजदीक आने पर अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त 100 कंपनियां मांगी हैं। इससे पहले दीपोत्सव पर यहां सुरक्षाबलों की 47 कंपनियां पहुंची थीं, जो अभी भी तैनात हैं।
विहिप ने सभी कार्यक्रम रद्द किए
Ayodhya में विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि राम मंदिर के लिए पत्थर तराशने का काम रोक दिया गया है। 1990 के बाद यह पहला मौका है, जब पत्थर तराशना बंद किया गया है। अब तक 1.25 लाख घनफीट पत्थर तराशा जा चुका है। अभी 1.75 लाख घनफीट पत्थर को तराशना बाकी है। पत्थर तराशने में लगे कारीगर घर लौट गए हैं। विहिप प्रवक्ता ने कहा, फैसले के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही विहिप ने अपने सभी कार्यक्रम भी निरस्त कर दिए।
16000 वॉलियंटर्स तैनात
Ayodhya पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार या किसी भी सम्प्रदाय के खिलाफ भड़काऊ कंटेंट के प्रसार पर नजर रखने के लिए जिले के 1600 स्थानों पर 16 हजार वॉलंटियर तैनात किए हैं। गड़बड़ी रोकने के लिए 3000 लोगों को चिह्नित करके उनकी निगरानी की जा रही है।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »