2019 तक सत्याग्रह को बड़े स्‍तर तक ले जायेगी Civil society

आगरा। आज Civil society ऑफ़ आगरा ने प्रेस वार्ता कर अपने सत्याग्रह के अगले कार्यक्रम की जानकारी व विचार रखे।

Civil society ऑफ आगरा 2019 में होने जा रहे लोकसभा चुनावों को जनपद के नागरिकों की आवाज उठाने का उपयुक्‍त अवसर मानती है। सिविल सोसायटी आगरा ‘ताज सिटी की एयर कनैक्‍टिविटी’ की जरूरत को यथा संभव अवसरों पर पुरजोर तरीके से उठाती रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आगरा में 2014 के लोकसभा चुनाव के वक्‍त अपने दलके स्‍टार प्रचारक और पार्टी की ओर से जीत हो जाने पर भावी प्रधान मंत्री के रूप में आगरा के नगरिकों को इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का अश्‍वासन दिया था। किन्‍तु इंटरनेशनल एयरपोर्ट तो दूर अब मोदी सरकार और उप्र शासन 2012 से प्रस्‍तावित सिविल एन्‍कलेव तक बनाये जाने को भी तैयार नहीं दिखता।

भारत सरकार का पर्यावरण मंत्रालय इस संबंध में दोहरी नीति अपनाता रहा है जिसमें एक ओर तो एनसीआर के उत्‍तर प्रदेश में पडने वाले भाग में हरियाली उजाड़ना एवं गंगा नहर का मीलों लम्‍बा व्‍यवस्‍थित सिंचाई तंत्र खत्‍म कर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का ग्रीन फील्‍ड प्रोजेक्‍ट बनाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर टीटीजैड के नाम पर मौजूदा सिविल एन्‍कलेव की शिफ्टिंग के काम तक में सरकार खुद रोड़़े़े डाल रही है।

प्रेस कांफ्रेंस में Civil society आगरा ने आगरा में उच्‍चपदों पर तैनात अफसरों की संदिग्‍ध भूमिका का कड़़ा़ विरोध करते हुए जन भावना को लखनऊ व दिल्‍ली की सरकारों तक पहुंचाने के लिये ‘सत्‍याग्रह’ शुरू करने के कार्यक्रम को सार्वजनिक किया।

सिविल सोसायटी ने सत्‍याग्रह में प्रभावी भागीदारी के लिये जनता से आग्रह किया कि किसी भी दल के उन स्‍टार प्रचारकों, प्रदेश के मंत्रियों, मुख्‍यमंत्री एवं केन्‍द्रीय मंत्रियों की मीटिंगों या जन सहभागिता के लिये अह्वान किये गये उस कार्यक्रम में न जायें और बहिष्‍कार करें जिनमें मुख्‍य अतिथियों व विशिष्‍ट जनों के हवाई जहाज या हैलीकाप्‍टर से आगरा आने या यहां से वापस जाने की व्‍यवस्‍था हो।
किसानों से आग्रह किया है कि 2019 के चुनावी राजनैतिक कार्यक्रमों और उनसे जोड कर मंत्रियों के बनाये गये कार्यक्रमों के लिये टैम्‍परेरी हवाई पट्टी और हैलीपैड बनाये जाने के लिये न खुद अपनी जमीन दें और और दूसरों को भी ऐसा ही करने के लिये प्रेरित करें।
अगर सरकारी जमीन पर भी हैलीपैड या टैम्‍परेरी हवाई पट्टियां बनायी जाये तो उनका उपयोग करने वाले हवाई जहाजों में सवार राजनीतिज्ञों की मीटिंगो और सभाओं का बहिष्‍कार करें।

स्‍थानीय राजनीतिज्ञों को छूट देते हुए सोसायटी इन्‍हें अपने सत्‍याग्रह से स्‍वैच्‍छिक रूप से स्‍वतंत्र कर दिया है साथ ही कहा कि सोसाइटी राजनैतिक कार्यकर्ताओं और आगरा के हित गहरायी से समझने वाले नेताओं से यह अपेक्षा करती है कि ‘आगरा की एयर कनैक्‍टविटी ‘ को खुद का मुद्दा मानकर जरूर उठाने की कोशिश करें।

राजनैतिक कार्यकर्ताओं से सिविल सोसायटी का एक आग्रह यह भी है कि चुनावी या राजनैतिक सभाओं , जलासों , मीटिंगों में अपनी पार्टी के ड्रैस कोड , बैनर, बिल्‍ले आदि से सजकर ही जायें जिससे कि स्‍पष्‍ट हो सके कि केवल प्रतिबद्ध राजनीतिज्ञ ही मंचस्‍थ वक्‍ताओं को सुनने वालेे हैंं, जबकि आम जनता ने मीटिंग का बहिष्‍कार किया हुआ है ।

सिविल सोसायटी ने बताया कि सत्‍याग्रह की सूचना मुख्‍यचुनाव आयुक्‍त भारत ,राज्‍य निर्वाचन आयुक्‍त लखनऊ, प्रधानमंत्री भारत सरकार, अध्‍यक्ष लोकसभा, मुख्‍य सचिव उप्र शासन को इसी महीने यानि ‘गांधी जयंती’ महा में ही इस सत्‍याग्रह पत्र को आवरण पत्र ‘कवरिंग लैटर’ के साथ प्रेषित कर दिए जायेंगे।

राजनैतिक दलों के राष्‍ट्रीय सचिवों और प्रदेश इकाईयों के अध्‍यक्षों व महामंत्रियों सत्‍याग्रह की जानकारी देकर आग्रह किया जायेगा कि लोकसभा चुनाव में अपने स्‍टार प्रचारकों व प्रमुख नेताओं को आगरा हवाई जहाज या हैलीकॉप्‍टर से न भेजेंं क्‍योंकि आगरा की जनता के साथ एयर कनैक्‍टिविटी को लेकर छल हुआ है। चुनावी सभाओं में घोषणा करने के बावजूद न तो आगरा में नागरिकों की पहुच सहज संभव बनाने वाला सिविल एन्‍कलेव ही बनाया जा सका है और ना ही इलाहाबाद हाईकोर्ट के वादकारियों के लिये जरूरी इलहाबाद जैसे शहरों के लिये फ्लाइटें ही बढ़ाई जा सकी हैं।
दिल्‍ली, बैंगलूर, चेन्‍नई, कोलकता, पुणे , मुम्‍बई जैसे जरूरी स्‍थानों और मुनाफे के रूटों तक को एवीयेशन मिनिस्‍ट्री अपनी हठर्धिता से फ्लाइट उपलब्‍ध नहीं करवा सकी है।

प्रेस कांफ्रेंस में डॉ ब्रजेश चन्द्र, राजीव सक्सेना, अभिनय प्रसाद, डॉ शिल्पा दीक्षित शर्मा और अनिल शर्मा ने संबोधित किया।

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