Civil Society मिली आगरा एयरपोर्ट डायरेक्टर से

आगरा। Civil Society टीम ने आज आगरा एयरपोर्ट डायरेक्टर से मुलाकात की जिसमें डायरेक्‍टर कुसुम दास ने बताया कि जून के पहले पखवारे में सिविल एन्‍कलेव संबंधी टेंडर अभिरुचि/अभिव्‍यक्‍ति के लिये सार्वजनिक हो जायेगा, इसी के साथ निविदा प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही निर्माण का कार्यादेश जारी होने के साथ पूरी होगी।

कार्यादेश इस प्रकार का निर्धारित होना अनुमानित है, जिससे कि सिविल एन्‍कलेव के आप्रेशन की स्‍थिति 2019 तक बन सके। इस एन्‍कलेव के बनाये जाने पर 350 करोड की राशि खर्च होगी , जमीन को उ प्र शासन ने उपलब्‍ध करवाया है,जबकि एन्‍कलेव के लिये धन एयरपोर्ट अथार्टी आफ इंडिया खुद उठायेगी।

सिविल एन्‍कलेव को लेकर एन्‍वायरमेंट क्‍लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी हो गयी है, जबकि इसको लेकर जनसुनवाई वाला चरण जून के अंत या जुलाई में शुरू होगा ।

एन्‍कलेव के लिये चिन्‍हित जमीन मे से चार हेक्‍टेयर के अलावा वाले भाग के अलावा शेष समस्‍त जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है।इस जमीन का अधिग्रहण मुआबाज राशि को लेकर ही मुख्‍य रूप से है। शासन की ओर से जमीन खरीदने की प्रक्रिया में फिलहाल ढील दे रखी गयी है। जबकि विधिक स्‍थिति के अनुसार किसान इसका शहरी जमीन और भवन के समान सैक्‍टर रेट का चार गुना मुआबजा मांग रहे हैं। जबकि प्रशासन जमीन अधिग्रहण का मुआवजा केवल ग्रामीण खेती की जमीन के अनुसार ही दे सकत है।चूंकि इस जमीन पर जितने भी निर्माण हैं, सभी कृषिभूमि का भू- उपयोग परिवर्तन करवाये गये हैं। इस प्रकार के मामले आपसी समझौता से जमीन अधिग्रहण प्राविधान के तहत ही संभव हो सकते है, वह भी कैबीनेट की मंजूरी। विधायकों और मंत्रियों की इसमें अधिक सक्रिये भूमिका भूमिका अपेक्षित है।

सिविल सोसायटी के प्रयास से 8 किसान अपनी उस जमीन को अधिग्रहित करवाने को तेयार हो गये हैं, जो कि एन्‍कलेव पर कार्गो सेवा शुरू करने के लिये अत्‍यंत जरूरी है। सिविल सोसायटी की ओर से इन किसानों की इच्‍छा की जानकारी अपनी विचाराधीन याचिका के माध्‍यम से इलहाबाद हाईकोर्ट के संज्ञान में लाये जाने का प्रयास किया है। सिविल सोसायटी की याचिका अब मुख्‍य न्‍यायधीष के कोर्ट में समर वेकेशंस खत्‍म होने के तुरंत बाद सुनवायी को लिस्‍ट की जायगी।

Civil Society के जनरल सैकेट्री अनिल शर्मा और राजीव सक्‍सेना ने आगरा एयरपोर्ट की मैनेजर से मुलाकात कर वाऊंड्री वाल बनाये जाने की स्‍थिति की जानकारी ली तथा अपेक्षा की कि जमीन पजैशन मे आने के साथ ही काम शुरू करवा दिया जाये।
सिविल सोसायटी ने मांग की कि एयरकनैक्‍टिविटी का जो भी प्रयास हो उसे अनवरत जारी रखा जाये तथा मौजूदा एन्‍कलेव तक यात्रियों के आने जाने में होने वाली परेशानियों खास कर वायु सेना के द्वारा प्रवेश के समय की जाने वाली औपचारिकताये और सहज बनाये जाने की जरूरत संभव बनाने पर बल दिया। आगरा एयरपोर्ट को RCS एयरपोर्ट डिक्लेअर कर दिया गया है. तीन साल तक उड़ान स्कीम की flight की आवाजाही रहेगी. इस से आगरा को एयर कनेक्टिविटी का भरपूर लाभ मिलेगा. आशा की जाती है कि शहर और आसपास के नागरिकों को आवाजाही में फ्लाइट का भी लाभ मिलेगा.

सिविल सोसायटी के द्वारा सिविल एन्‍कलेव में एयरकार्गो की व्‍यवस्‍था को समावेश करवाने पर भी बल दिया ।
सोसायटी की ओर कहा गया कि जितनी सेवाये मौजूदा एन्‍कलेव में वायुसेना परिसर होने के बाबजूद संभव है कम से कम उनको तो बरकरार रखना ही चाहिये। श्री अनिल शर्मा ने कहा कि आगरा से अन्‍य एयरकार्गो स्‍टशनों से कही अलग कैटेल ( लाइव स्‍टाक ) के निर्यात की भी बडी संभावना है जिससे किसान सीधे तौर पर लाभान्‍वित होगा।

सिविल एन्‍कलेव प्रशासन आगरा की एयरपोर्ट डायरैक्टर सुश्री कुसुम दास ने बताया कि नये सिविल एन्‍कलेव की जमीन पर वाऊंड्री करवाये जाने का काम शरु हो चुका है। जिसके पूरा होते ही जमीन को एयरपोर्ट अथार्टी आफ इंडिया अपने पजेशन में ले लेगी। एक जानकारी में उन्‍होंने बताया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में जहां कही भी मुश्‍किले हैं उन्‍हे दूर करने का प्रयास किया जायेगा। , प्रशासन के साथ उनकी वार्ता का क्रम चलता रहा है।

एक जानकारी में उन्‍होने पुष्‍टि की कि आगरा में सिविल एन्‍कलेव की सुरक्षा का दायित्‍व पुन: सिविल पुलिस (उ प्र पुलिस ) के पास आ जायेगा। इंडस्‍ट्रियल सीक्‍यूरिटी फोर्स को यहां से हटाया जायेगा। भारत सरकार की नीति के अनुसार ही यह व्‍यवस्‍था की जायेगी किन्‍तु सिविल पुलिस को जिम्‍मेदारी सौंपे जाने से पूर्व प्रशित करने का कार्यक्रम भी शुरू कर दिया गया है।
सुश्री दास ने कहा कि अगर आगरा में एयरकार्गो की सुविधा पहले से है तो उसे बरकरार रखने का प्रयास होगा और इसके लिये जरूरी जमीन को उपलब्‍ध करवाने को कहा जाता रहेगा। यही नहीं जीएसटी का टिन नम्‍बर भी लेने का प्रयास होगा. उन्‍होंंने कहा कि एयरकार्गो व्‍यवस्‍था सिविल एयरपोर्ट की अभिन्‍न सेवा होती है, अगर यह यहां है तो इसका उपयोग शुरू होना ही चाहिये।

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