सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों का DIDC हापुड़ में शैक्षिक भ्रमण

मथुरा। GL Bajaj Group of Institutions के सिविल इंजीनियरिंग के 20 छात्र-छात्राओं ने गत दिवस विभागाध्यक्ष डॉ. विमल गुप्ता की देखरेख में कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री डेवलपमेंट काउंसिल (डीआईडीसी) धौलाना, हापुड़ का शैक्षिक भ्रमण किया। शैक्षिक भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रोजेक्ट ड्राइंग, निर्माण कार्य में प्रयोग किए जाने वाले आधुनिक उपकरणों आदि के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की।

जी.एल. बजाज संस्थान के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विमल गुप्ता ने बताया कि आज देश प्रगति पथ पर सरपट दौड़ रहा है। बड़े शहरों के अलावा छोटे शहरों में भी विकास की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, ऐसे में छात्र-छात्राओं को रियल एस्टेट कारोबार के साथ-साथ उसकी निर्माण प्रक्रिया से रूबरू होना नितांत आवश्यक है। डा. गुप्ता ने बताया कि अपने शैक्षिक भ्रमण में छात्र-छात्राओं ने निर्माण पूर्व प्रक्रिया, मानचित्र की उपयोगिता तथा विभिन्न उपकरणों के प्रयोग आदि की जानकारी हासिल करने के साथ पुल निर्माण, सड़कों की रूपरेखा, एयरपोर्ट, ड्रम, सीवेज सिस्टम आदि के बारे में प्रायोगिक ज्ञान हासिल किया।

डी.आई.डी.सी. की मेघा जैन ने छात्र-छात्राओं को बताया कि जब भी कोई निर्माण योजना बनती है तो उसके लिए पहले प्लानिंग, डिजाइनिंग व संरचनात्मक कार्यों से लेकर रिसर्च एवं सॉल्यूशन तैयार करने का कार्य किया जाता है। यह कार्य किसी सामान्य व्यक्ति से न कराकर प्रोफेशनल लोगों से ही कराया जाना बेहतर होता है। ओ.पी. गुप्ता ने छात्रों को बताया कि किसी भी प्रोजेक्ट एवं परियोजना की लागत, कार्य-सूची, क्लाइंट्स एवं कांट्रेक्टरों से सम्पर्क आदि कार्य सिविल इंजीनियरों के जिम्मे होते हैं। अखिलेश श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं को बताया कि आज निर्माण के क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। श्री श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं को आधुनिक उपकरणों और उनके प्रयोग की जानकारी दी। मेघा जैन, ज्ञान प्रताप शर्मा और गरिमा त्यागी ने छात्र-छात्राओं को डी.आई.डी.सी. की कार्यप्रणाली से अवगत कराया।

आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल का कहना है कि शिक्षा के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षिक भ्रमण बहुत उपयोगी है क्योंकि शैक्षिक भ्रमण से छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होने के साथ उनका प्रोफेशनल डेवलपमेंट भी होता है। संस्थान के निदेशक डॉ. एल.के. त्यागी ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सिविल इंजीनियरिंग के छात्र-छात्राओं को निर्माण प्रक्रिया की प्रयोगात्मक जानकारी होना बहुत जरूरी है। जी.एल. बजाज में समय-समय पर हर संकाय के छात्र-छात्राओं को शैक्षिक भ्रमण पर भेजा जाता है ताकि उनकी बौद्धिक क्षमता में विस्तार हो सके।

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